{"_id":"5a753ed64f1c1b93268b7fea","slug":"j-k-cm-mehbooba-mufti-says-government-is-preparing-a-favorable-environment-for-removing-afspa","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीर से AFSPA हटाने के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है सरकारः महबूबा मुफ्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीर से AFSPA हटाने के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है सरकारः महबूबा मुफ्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 03 Feb 2018 12:05 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : FILE PHOTO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि उनकी सरकार चाहती है कि अफस्पा जैसे कानून हटने चाहिए। इसके लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। लेकिन खेद है कि हिंसा से सुरक्षाबल अपने कदम पीछे खींच लेते हैं। उन्होंने लोगों से शांति की अपील की ताकि जमीन पर सकारात्मक परिवर्तन दिख सके।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि घाटी में कानून व्यवस्था के खराब होते हालात की वजह से सेना का दखल बढ़ा है। यदि हालात खराब होंगे तो सेना का दखल बढ़ेगा। यदि आतंकवाद तथा पत्थरबाजी बढ़ी तो पुलिस का दखल बढ़ेंगे। हम यह नहीं चाहते।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि लोगों को निराशा से बाहर लाने के लिए राजनीतिक पहुंच होना चाहिए। इसमें मुख्यधारा के राजनीतिक दलों की प्रमुख भूमिका है। विधानसभा में शुक्रवार को गृह विभाग के ग्रांट पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बातचीत राज्य सरकार का मुख्य दर्शन है।
विज्ञापन
इस पर लंबे समय तक जोर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय वार्ताकार की नियुक्ति की गई। ऐसी आशा है कि राज्य में सभी विचारधारा के लोग हिंसा के चलते उभरती स्थितियों को समझेंगे। साथ ही राज्य में हिंसा और अनिश्चितता के चक्र को खत्म करने के लिए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा द्वारा शुरू की गई बातचीत प्रक्रिया में शामिल होेंगे।
हिलिंग टच के प्रयासों पर कहा कि उनकी सरकार ने 9700 से अधिक युवाओं के खिलाफ मामलों को वापस लेने की पहल की है, जिनके खिलाफ 2008 से पत्थरबाजी के मामले लंबित थे। सरकार और अधिक युवाओं के खिलाफ इसी तरह के मामलों की समीक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि इस विषय पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों की एक ही सोच है।