फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   it will take years to heal from flood gall

बाढ़ के इन घावों को भरने में लगेंगे कई साल

Wed, 17 Sep 2014 02:03 AM IST
Updated Wed, 17 Sep 2014 02:03 AM IST
विज्ञापन
it will take years to heal from flood gall

सदी की सबसे विनाशकारी बाढ़ ने जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था की चूलें हिला दीं हैं। रियासत की आर्थिक स्थिति पहले से ही खस्ताहाल है और अब सैलाब ने जो गहरे घाव दिए हैं, उसे भरने में कई साल लग सकते हैं। केंद्र सरकार ने अबतक 2100 करोड़ की मदद दी है जो मूलत: राहत कार्यो और जरूरी खर्चों के लिए है।

विज्ञापन


ध्वस्त इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करने के लिए महात्वाकांक्षी योजनाएं शुरू करने की जरुरत होगी। रियासत सरकार शुरू से ही केंद्रीय सहायता पर निर्भर रही है। विकास योजनाओं के ढ़ांचे और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए फिर से केंद्र की बैसाखी की जरुरत होगी।

विज्ञापन

टूटी कश्मीरी अर्थव्यवस्‍था की रीढ़

it will take years to heal from flood gall

मुख्य सचिव मोहम्मद इकबाल खांडे ने अमर उजाला को बताया कि बाढ़ से सिर्फ श्रीनगर शहर ही नहीं उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर में भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ टूट गई है। रोजगार के साधन चौपट हो गए हैं। सेब और अन्य फलों का कारोबार लगभग चार हजार करोड़ का होता है जो इस बार लगभग शून्य पर पहुंच गया है।

फसलें बरबाद हो गई है। करीब चालीस से पचास हजार मकान गिरने के खबर है। अभी तमाम आंकड़े ही जुटाए जा रहे हैं। इस वक्त नुकसान को राशि में बता पाना संभव नहीं है। नुकसान जम्मू संभाग के जम्मू, राजोरी और पुंछ में भी हुआ है। सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मिल जाने के बाद केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

रेलवे, बिजली और उद्योग को भारी नुकसान

it will take years to heal from flood gall

दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग प्रमुख जिला है वहां 56 से अधिक गांव और शहर के 18 मोहल्ले पूरी तरह तबाह हुए हैं। अनंतनाग के अलावा पुलवामा, कुलगाम और शोपियां जिले में भी बाढ़ की तबाही अर्थव्यवस्था पर गहरे जख्म दे गई है।

बकौल मुख्य सचिव अभी सारा ध्यान राशन की व्यवस्था और जरूरी संरचनाओं को खड़ा करने पर है। रेलवे, बिजली संरचना और प्रोजेक्ट, उद्योग जैसे क्षेत्रों में बड़ी नुकसान हुआ है।

इंफ्रास्ट्रक्चर को फिलहाल कामचलाऊ बनाया जा रहा है। इसे पटरी पर लाने में हजारों करोड़ खर्च हो सकते हैं। पर्यटन के आधारभूत संरचना को भी तबाही झेलना पड़ी है।

विज्ञापन

बाढ़ के बाद पर्यटन भी प्रभावित

it will take years to heal from flood gall

बाढ़ के बाद धार्मिक पर्यटन भी प्रभावित है। नवरात्र पर इस बार वैष्णों देवी की यात्रा पर भी असर पड़ेगा जो अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा। सर्दियों में कश्मीर घाटी में पर्यटक घट जाते हैं लेकिन बाढ़ के बाद इस बार इसमें और कमी आ सकती है। व्यापार और होटल उद्योग इससे प्रभावित होंगे।

जम्मू कश्मीर खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के कारण पहले ही बाजार से 300 करोड़ का ऋण ले चुका है। आंतरिक संसाधनों से वेतन और अन्य बिलों के भुगतान के लिए किसी तरह 1100 करोड़ रुपये दो माह पहले जारी किए गए थे। आर्थिक संकट से जूझ रही रियासत को बाढ़ की मार अभी अगले कई साल तक झेलनी पडे़गी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed