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कारगिल युद्ध के एक-एक शहीद का शव पहुंचाया था घर, अटल के नेतृत्व में दी गई थी पाक को मात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 17 Aug 2018 12:53 AM IST
it was atal government who brought each and every martyrs body back from the kargil battlefield
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वर्ष 1999 में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को धूल चटाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी ही थे। कारगिल युद्ध में आपरेशन विजय के तहत भारत ने पाकिस्तान को हराया। वाजपेयी के नेतृत्व में ही भारतीय सेना ने लड़ाई लड़ी और जीत दर्ज की। यूं कहा जाए कि इस युद्ध के बाद देश के सैनिकों की शहादत का जिस कदर सम्मान होता है, वह सब अटल जी की ही देन है।
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मई से जुलाई तक कारगिल युद्ध चला था। पाकिस्तानी सैनिक आतंकियों के साथ मिलकर कारगिल के द्रास, मसखोह वैली, बटालिक सेक्टर, टाइगर हिल, तोलोलिंग हिल में घुस आए। यह इलाका काफी ऊंचाई पर है। यहां पाकिस्तानी सैनिक चुपके-चुपके भारतीय सीमा में घुस आए थे। इसका पता चलने के बाद भारत ने कार्रवाई की। पाकिस्तान के एक हजार के करीब सैनिक मारे गए। भारतीय सेना के भी 567 सैनिक शहीद हुए। 

पाकिस्तान ने तो अपने सैनिकों के शव तक लेने के लिए मना कर दिया, लेकिन कारगिल युद्ध में शहीद होने वाले एक-एक भारतीय सैनिक का शव उसके पैतृक गांव भेजा गया। इस युद्ध के बाद शहादत की परिभाषा ही बदल गई। मौजूदा दौर में किसी सैनिक के शहीद होने के बाद उसके परिवार को इतनी सहायता दी जाती है, जिससे परिवार का जीवन अच्छे से व्यतीत हो जाए। यह सब अटल बिहारी वाजपेयी की ही देन है।
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