कश्मीर: अब ISI के नारको टेररिज्म का खतरा
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घाटी में अलगाववाद को मिल रहे करारे जवाब से बौखलाए आईएसआई तथा आतंकी संगठनों ने रणनीति बदल दी है। अब यहां की अर्थव्यवस्था को चौपट करने के लिए मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आईएसआई तथा फिदायीन दस्तों ने घाटी में नारको टेररिज्म पैदा करने की योजना बनाई है। इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में करने का रोडमैप तैयार किया गया है।
हाल के दिनों में पुंछ और आरएस पुरा के बार्डर वाले इलाके में हेरोइन की दो बड़ी खेप पकड़ा जाना इस ओर इशारा करता है। एक सप्ताह में बार्डर वाले इलाके में पुंछ से 56.16 करोड़ रुपये की हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ी गई।
पुंछ पुलिस ने आतंकियों के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के रूप में कार्य करने वाले तस्कर सहित दो को गिरफ्तार कर 56.16 किलो हेरोइन बरामद की।
आईएसआई ने बनाई नई योजना
पकड़ा गया तस्कर मोहम्मद रफी आतंकवादियों का ओजीडब्ल्यू बताया गया है। वह कई बार आतंकियों की मदद के लिए पकड़ा जा चुका है। दो दिन पहले आरएस पुरा के अब्दुल्लियां में बार्डर पर तीन करोड़ रुपये की हेरोइन पुलिस के हाथ लगी।
पुंछ के एसएसपी जेएस जोहर ने भी गिरफ्तारी के बाद नारको टेररिज्म की पुष्टि करते हुए कहा था कि अब उस पार मौजूद आतंकी संगठन और पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने क्षेत्र में नारको टेररिज्म फैलाने का काम शुरू कर दिया है।
इसके जरिये वह नौजवानों में नशे की लत लगाकर उन्हें गलत रास्ते पर धकेलने का काम कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि मादक पदार्थों के जरिये आतंकी संगठन और आईएसआई घाटी और पूरी रियासत की अर्थव्यवस्था पर हमला करने की रणनीति पर काम कर रही है।
पहले पंजाब से आता था नशा
इससे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल वह आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में करेगी। साथ ही घाटी के युवाओं को प्रलोभन देकर उनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए करने की योजना है।
सूत्रों ने बताया कि धीरे-धीरे घाटी में अलगाववाद तथा आतंकवाद को लोगों ने मात देना शुरू कर दिया है। सीमा पार से फायरिंग का भी मुंहतोड़ जवाब नागरिकों ने चुनाव में दिया है।
हाल ही में विधानसभा चुनाव में बंपर वोटिंग कर उन्होंने अपने इरादे भी जता दिए हैं।
घाटी में पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी होती रही है। पहले यहां पंजाब तथा नेपाल के रास्ते खेप पहुंचाई जाती थी, लेकिन अब तरीका बदल दिया गया है। सीधे बार्डर पार से सप्लाई शुरू कर दी गई है।
बार्डर वाले इलाके में हेरोइन की खेप उस पार से तारबंदी के पार खेतों में फेंक दी जाती है। घास तथा सरकंडों में गिरे नशीले पदार्थों को बाद में स्थानीय निवासी घास में छिपाकर लाते हैं और बाद में मुख्य तस्कर तक यह खेप पहुंचा दी जाती है।