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uriattack: मारे गए फिदायीनों की दाढ़ी ने खड़े किए कई सवाल, जांच समिति गठित
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 20 Sep 2016 06:35 PM IST
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उड़ी हमले में मारे गए आतंकी
- फोटो : Amar Ujala
उड़ी हमले में सुरक्षा में हुई चूक का पता लगाने के लिए सेना ने जांच समिति का गठन किया है। समिति तय समय में जांच पूरी करेगी। साथ ही भविष्य में इस प्रकार के हमलों से बचने के उपायों के बारे में भी सुझाव देगी।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान आधारित ग्रुप जब घुसपैठ करता है तो उनका पहला निशाना एलओसी पार करने के बाद सबसे पहले उपलब्ध आर्मी कैंप या सुरक्षा प्रतिष्ठान होता है।
समिति को यह सुझाव देने को कहा गया है कि किस प्रकार इन हमलों से बचा जा सकता है। साथ ही सुरक्षा में हुई चूक का भी पता लगाया जाएगा जिसकी वजह से हमले हो सके।
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आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान आधारित ग्रुप जब घुसपैठ करता है तो उनका पहला निशाना एलओसी पार करने के बाद सबसे पहले उपलब्ध आर्मी कैंप या सुरक्षा प्रतिष्ठान होता है।
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समिति को यह सुझाव देने को कहा गया है कि किस प्रकार इन हमलों से बचा जा सकता है। साथ ही सुरक्षा में हुई चूक का भी पता लगाया जाएगा जिसकी वजह से हमले हो सके।
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हमले से पहले हुई थी इलाके की रेकी
uri
- फोटो : PTI
इसके साथ ही समिति यह भी निरोधात्मक उपाय सुझाएगी कि एलओसी के करीब सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास फोर्स की तैनाती में क्या बदलाव की जरूरत है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना को अंजाम देने से एक दिन पहले आतंकियों ने इलाके में घुसपैठ की थी।
इलाके की रैकी भी की गई थी। जैश के आतंकियों के एक दिन पहले घुसपैठ करने की आशंका इस तथ्य से प्रबल होती है कि फिदायीनों की दाढ़ी एक दिन से पुरानी नहीं थी, जबकि वे सामान्य तौर पर क्लीन शेव रहते हैं।
फिदायीनों की दाढ़ी से खड़े हुए सवाल के जवाब खोजने के लिए सेना ने अपनी जांच कमेटी को लगा दिया है जो तय सीमा के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।
इलाके की रैकी भी की गई थी। जैश के आतंकियों के एक दिन पहले घुसपैठ करने की आशंका इस तथ्य से प्रबल होती है कि फिदायीनों की दाढ़ी एक दिन से पुरानी नहीं थी, जबकि वे सामान्य तौर पर क्लीन शेव रहते हैं।
फिदायीनों की दाढ़ी से खड़े हुए सवाल के जवाब खोजने के लिए सेना ने अपनी जांच कमेटी को लगा दिया है जो तय सीमा के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री को सौंपी रिपोर्ट
उड़ी
- फोटो : Getty Images
वहीं उड़ी में हुए हमले के बाद से दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठकों का दौर जारी है । बीते दिन श्रीनगर से लौटे रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर ने प्रधानमंत्री को रिपोर्ट सौंपी है । आज सुबह दिल्ली में हुई बैठक में ये तय हुआ कि सरकार अब पाकिस्तान के प्रति अब आक्रामक रुख अख्तियार करेगी ।
सरकार संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को घेरने की तैयारी कर रही है । वही गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी सारी दुनिया के देशों से पाकिस्तान को अलग थलग कर देने की मांग की है ।
गौरतलब है कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के उड़ी में सेना के 12 ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन हमले में कल 18 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले में 19 जवान गंभीर रूप से जख्मी है जिनका 90 बेस कैंप अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
सरकार संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को घेरने की तैयारी कर रही है । वही गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी सारी दुनिया के देशों से पाकिस्तान को अलग थलग कर देने की मांग की है ।
गौरतलब है कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के उड़ी में सेना के 12 ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन हमले में कल 18 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले में 19 जवान गंभीर रूप से जख्मी है जिनका 90 बेस कैंप अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।