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क्या इंटेलिजेंस चूक का नतीजा था बीएसएफ के काफिले पर हुआ आतंकी हमला?
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 04 Jun 2016 11:22 PM IST
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घटना स्थल पर मौजूद जवान
- फोटो : Amar Ujala
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शुक्रवार को बिजबिहाड़ा में बीएसएफ काफिले पर हमले में बीएसएफ की ओर से जांच के आदेश दिए गए हैं। किसी तरह की चूक होने के संबंध में पूछे जाने पर बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) बीएसएफ के काफिले को सेफ पैसेज नहीं दे पाई, इसमें आरओपी की चूक होने पर शर्मा ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा कि बार्डर पर बीएसएफ के 18 हजार से अधिक जवान तैनात हैं। ऐसे में कोई छुट्टी जा रहा है और कोई ड्यूटी पर लौट रहा है, तो हमारा काफिला लगभग रोज ही हाईवे से गुजरता है।
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आतंकी हमेशा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की फिराक में रहते हैं। कहा कि हमारा सीधे तौर पर काउंटर इंसरजेंसी (सीआई) आपरेशन से कोई लेना-देना नहीं है, पर हम भी निशाना बनते हैं। शर्मा ने कहा कि काफिले की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। डीजी बीएसएफ ने सेना के 92 बेस अस्पताल का दौरा कर घायल जवानों का हाल भी पूछा।
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उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) बीएसएफ के काफिले को सेफ पैसेज नहीं दे पाई, इसमें आरओपी की चूक होने पर शर्मा ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।
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उन्होंने आगे कहा कि बार्डर पर बीएसएफ के 18 हजार से अधिक जवान तैनात हैं। ऐसे में कोई छुट्टी जा रहा है और कोई ड्यूटी पर लौट रहा है, तो हमारा काफिला लगभग रोज ही हाईवे से गुजरता है।
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आतंकी हमेशा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की फिराक में रहते हैं। कहा कि हमारा सीधे तौर पर काउंटर इंसरजेंसी (सीआई) आपरेशन से कोई लेना-देना नहीं है, पर हम भी निशाना बनते हैं। शर्मा ने कहा कि काफिले की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। डीजी बीएसएफ ने सेना के 92 बेस अस्पताल का दौरा कर घायल जवानों का हाल भी पूछा।