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जम्मू: जिस शहर से किया ग्रेजुएशन आज उसी शहर की सीमा का मिला चार्ज, बने आईजी बीएसएफ
Fri, 28 Dec 2018 10:55 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 28 Dec 2018 10:55 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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एनएस जमवाल जम्मू संभाग के नए आईजी बीएसएफ नियुक्त किए गए हैं। शुक्रवार को जमवाल ने पद संभाल लिया। इससे पहले आईजी राम अवतार ने उन्हें पदभार सौंपा। जमवाल जम्मू के रहने वाले हैं और शहर के साइंस कालेज के स्टूडेंट रहे हैं। यहीं से उन्होंने ग्रेजूएशन किया था। खुफिया तंत्र की जानकारी और बार्डर की रग रग से वाकिफ जमवाल को यह जिम्मेदारी गई है।
इससे पहले जमवाल जम्मू में ही आईजी राम अवतार के साथ थे। जमवाल दो साल तक मिजोरम और कैचर फ्रंटियर में रह चुके हैं। नार्थ ईस्ट के खतरनाक इलाके के बार्डर पर वह अपना योगदान दे चुके हैं। 1984 बैच के जमवाल सीधे बीएसएफ कैडर आफिसर के पद पर बीएसएफ में शामिल हुए। टेकनपुर के कमांडों ट्रेनिंग सेंटर में वह इंस्ट्रक्टर रह चुके हैं। बीएसएफ के डीजी के साथ वह चार साल तक स्टाफ आफिसर के तौर पर तैनात रहे। वह इंटेलिजेंस के चीफ नोडल आफिसर भी रहे है।
मानव तस्करी, ड्रग्स, नारकोटिक्स, बार्डर मैनेजमेंट और सिक्योरिटी के लिए बनाई गई इंटरनेशनल टास्क फोर्स में वह मेंबर रहे हैं। जमवाल की तमाम जानकारियां रखने की वजह से उन्हें यूएसए और यूनाइटेड किंगडम में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। बेहतर काम के लिए उन्हें प्रेजिडेंट पुलिस मेडल मिल चुका है।
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बीएसएफ के डीजी से भी भी वह सम्मान पा चुके हैं। वह एनएसजी में डिप्टी जीपी कमांडर रह चुके हैं। पद संभालने के बाद जमवाल ने कहा कि बार्डर पर सुरक्षा के ढांचे को बनाए रखने के लिए काम करेंगे। उनकी कोशिश होगी कि बार्डर के लोगों को बिना किसी डर के वहां रहने का माहौल दे सकें। 34 साल के बीएसएफ के अनुभव को देखते हुए जमाल को यह जिम्मेदारी दी गई है।
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इससे पहले जमवाल जम्मू में ही आईजी राम अवतार के साथ थे। जमवाल दो साल तक मिजोरम और कैचर फ्रंटियर में रह चुके हैं। नार्थ ईस्ट के खतरनाक इलाके के बार्डर पर वह अपना योगदान दे चुके हैं। 1984 बैच के जमवाल सीधे बीएसएफ कैडर आफिसर के पद पर बीएसएफ में शामिल हुए। टेकनपुर के कमांडों ट्रेनिंग सेंटर में वह इंस्ट्रक्टर रह चुके हैं। बीएसएफ के डीजी के साथ वह चार साल तक स्टाफ आफिसर के तौर पर तैनात रहे। वह इंटेलिजेंस के चीफ नोडल आफिसर भी रहे है।
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मानव तस्करी, ड्रग्स, नारकोटिक्स, बार्डर मैनेजमेंट और सिक्योरिटी के लिए बनाई गई इंटरनेशनल टास्क फोर्स में वह मेंबर रहे हैं। जमवाल की तमाम जानकारियां रखने की वजह से उन्हें यूएसए और यूनाइटेड किंगडम में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। बेहतर काम के लिए उन्हें प्रेजिडेंट पुलिस मेडल मिल चुका है।
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बीएसएफ के डीजी से भी भी वह सम्मान पा चुके हैं। वह एनएसजी में डिप्टी जीपी कमांडर रह चुके हैं। पद संभालने के बाद जमवाल ने कहा कि बार्डर पर सुरक्षा के ढांचे को बनाए रखने के लिए काम करेंगे। उनकी कोशिश होगी कि बार्डर के लोगों को बिना किसी डर के वहां रहने का माहौल दे सकें। 34 साल के बीएसएफ के अनुभव को देखते हुए जमाल को यह जिम्मेदारी दी गई है।