चीन की आपत्ति दरकिनार, LAC पर सेना ने पूरा किया पाइप लाइन का काम
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लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन के विरोध को दरकिनार कर भारतीय सेना के इंजीनियरों ने सिंचाई के लिए बिछाई जा रही पाइप लाइन का काम पूरा कर लिया। लद्दाख रीजन में लेह से 250 किलोमीटर दूर डेमचोक गांव में ग्रामीणों को इस पाइप लाइन से सिंचाई का पानी पहुंचाया जा रहा है।
चीन की पीपल्स आर्म्ड पुलिस फोर्स (पीएपीएफ) ने पाइप लाइन के काम पर आपत्ति जताई थी। इस बार पीपल्स लिबरेशन आर्मी की जगह पीएपीएफ के अमले ने डेमचोक इलाके में फाइबर रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक हट बनाने की कोशिश की थी। इसे सेना और आईटीबीपी ने नाकाम कर दिया।
सूत्रों के अनुसार सेना के इंजीनियर ग्रामीणों के लिए एक किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने में व्यस्त थे। चीन की पीएपीएफ के सदस्यों का अमला अचानक आ धमका और काम बंद करने की चेतावनी देने लगा। चेतावनी को सेना के इंजीनियरों ने पूरी तरह से नजरअंदाज कर काम पूरा कर लिया। शनिवार को ही डेमचोक मामले पर भारत और चीन के बीच गतिरोध समाप्त हुआ।
चीन लगातार करता रहा निर्माण का विरोध
सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2013 में दौलत बेग ओल्डी में भारत और चीन के बीच कई दिनाें तक तनातनी बनी रही थी। उस घटना के बाद से सेना और आईटीबीपी ने इलाके में लगातार गश्त जारी रखी जिससे लद्दाख सेक्टर में चीन की घुसपैठ की घटनाओं पर अंकुश लगा। डेमचोक की ताजा घटना 2 नवंबर को सामने आई थी।
पाइप लाइन के निर्माण पर आपत्ति जताते हुए सेना और आईटीबीपी के चीनी समकक्षों ने इसे दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन बताया था। इस पर भारत ने साफ किया था कि निर्माण से पूर्व दोनों तरफ की सहमति का नियम केवल सामरिक श्रेणी के निर्माण पर ही लागू होता है। चीन की ओर से बैनर सहित स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से पाइप लाइन निर्माण का विरोध जताया जा रहा था।