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अमरनाथ यात्रा के दौरान सेवादारों की मुश्किलें बढ़ी
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 27 May 2016 12:08 PM IST
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बाबा बर्फानी
- फोटो : Amar Ujala
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आगामी दो जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा 2016 में लंगर सेवकों की पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर पेच फंसा हुआ है। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स आर्गनाइजेशन (साबलो) सेवादारों की पुलिस वेरिफिकेशन का विरोध कर रही है।
उनका तर्क है कि देशभर के विभिन्न हिस्सों से आने वाले सेवादारों की वेरिफिकेशन करवाना मुश्किल होता है, जबकि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड सुरक्षा के लिहाज से वेरिफिकेशन करवाने पर अड़ा है। पिछले साल भी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया हुई थी।
साबलो के प्रधान विजय ठाकुर का कहना है कि अभी तक किसी भी लंगर प्रबंधन या सेवादार की ओर से कोई आपराधिक घटना को अंजाम नहीं दिया गया है। वे सच्चे मन से भोले बाबा के भक्तों की सेवा करने आते हैं। ऐसे में लंगर वालों पर पुलिस वेरिफिकेशन का कोई तुक नहीं रहता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले सेवादारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाना संभव नहीं हो पाता है।
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इस मामले को जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह के समक्ष उठाया गया है। गत 24 मई को पुलिस वेरिफिकेशन सहित अन्य मुद्दों पर राज्य सरकार के साथ होने वाली बैठक किन्हीं कारणों से नहीं हो पाई, लेकिन उम्मीद है कि जल्द इस मामले को सुलझा लिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार देशभर में 116 लंगरों को मंजूरी दी गई है।
जून के मध्य लंगर संगठनों का आना शुरू हो जाएगा। इसमें पवित्र गुफा के पास यात्रा ट्रैक पर पंद्रह दिन पहले लंगर वालों को रिपोर्ट करना होता है। पिछले साल की तरह सभी लंगर यात्रा के पारंपरिक रूट पर लगाए जाएंगे। अभी तक 160000 से अधिक यात्री एडवांस पंजीकरण करवा चुके हैं। अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू में इस बार यात्रियों को क्लॉक रूम के साथ अन्य सुविधाएं देने पर काम किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में चंदनबाड़ी, वर्ष 2013 में शेषनाग और वर्ष 2014 में बालटाल में राज्य पुलिस की मौजूदगी में लंगर वालों को निशाना बनाया गया। लिहाजा लंगर कमेटियों ने सुरक्षा ने सुरक्षा का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया है।
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उनका तर्क है कि देशभर के विभिन्न हिस्सों से आने वाले सेवादारों की वेरिफिकेशन करवाना मुश्किल होता है, जबकि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड सुरक्षा के लिहाज से वेरिफिकेशन करवाने पर अड़ा है। पिछले साल भी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया हुई थी।
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साबलो के प्रधान विजय ठाकुर का कहना है कि अभी तक किसी भी लंगर प्रबंधन या सेवादार की ओर से कोई आपराधिक घटना को अंजाम नहीं दिया गया है। वे सच्चे मन से भोले बाबा के भक्तों की सेवा करने आते हैं। ऐसे में लंगर वालों पर पुलिस वेरिफिकेशन का कोई तुक नहीं रहता है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले सेवादारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाना संभव नहीं हो पाता है।
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इस मामले को जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह के समक्ष उठाया गया है। गत 24 मई को पुलिस वेरिफिकेशन सहित अन्य मुद्दों पर राज्य सरकार के साथ होने वाली बैठक किन्हीं कारणों से नहीं हो पाई, लेकिन उम्मीद है कि जल्द इस मामले को सुलझा लिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार देशभर में 116 लंगरों को मंजूरी दी गई है।
जून के मध्य लंगर संगठनों का आना शुरू हो जाएगा। इसमें पवित्र गुफा के पास यात्रा ट्रैक पर पंद्रह दिन पहले लंगर वालों को रिपोर्ट करना होता है। पिछले साल की तरह सभी लंगर यात्रा के पारंपरिक रूट पर लगाए जाएंगे। अभी तक 160000 से अधिक यात्री एडवांस पंजीकरण करवा चुके हैं। अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू में इस बार यात्रियों को क्लॉक रूम के साथ अन्य सुविधाएं देने पर काम किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में चंदनबाड़ी, वर्ष 2013 में शेषनाग और वर्ष 2014 में बालटाल में राज्य पुलिस की मौजूदगी में लंगर वालों को निशाना बनाया गया। लिहाजा लंगर कमेटियों ने सुरक्षा ने सुरक्षा का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया है।