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घुसपैठ के लिए पाक सेना सीमा पर करती है कवर फायरिंग

Thu, 21 Jan 2016 07:56 PM IST
Updated Thu, 21 Jan 2016 07:56 PM IST
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in the case of infiltration international border is more sensitive than LOC

आतंकियों की घुसपैठ के मामले में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) की तुलना में अंतरराष्ट्रीय सीमा अधिक संवेदनशील है। एलओसी पर सेना की तैनाती है जबकि सीमा की सुरक्षा बीएसएफ के हवाले है।

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आतंकियों की घुसपैठ के लिए पाकिस्तान सेना कवर फायरिंग के तहत सीजफायर का उल्लंघन करती है। सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं सीमा पर ज्यादा होती हैं।

तस्करी के मामले भी सीमा के जरिये ही देखे जाते रहे हैं। पाकिस्तान के लिए जासूसी के मामले में बीएसएफ के सेवानिवृत्त और कार्यरत कर्मियों समेत 34 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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एलओसी पर तारबंदी भारतीय सीमा के अंदर है

in the case of infiltration international border is more sensitive than LOC

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने पठानकोट हमले के संदर्भ में सीमा पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की ओर इशारा किया। एलओसी पर तारबंदी भारतीय सीमा के अंदर है।

तारबंदी से एक-दो किलोमीटर आगे भारतीय फौज के अग्रिम पोस्ट हैं। वहां सेना की पेट्रोलिंग लगातार होती है और 24 घंटे युद्ध क्षेत्र मानकर सुरक्षा व्यवस्था सेना के जवानों के हवाले है। एलओसी से घुसपैठ की स्थिति के ज्यादातर मामलों में आतंकी मारे जाते हैं या फिर उन्हें वापस खदेड़ दिया जाता है।

पाकिस्तान सेना द्वारा सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में सेना के 11 जवानों की जवान शहीद हुए हैं जबकि 19 नागरिकों को भी जान गंवानी पड़ी है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में इस साल बीएसएफ के एक सेवानिवृत्त कर्मी को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ ऑफिसियल सिक्रेट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

सीजफायर का उल्लंघन एलओसी से ज्यादा सीमा पर

in the case of infiltration international border is more sensitive than LOC

सूत्रों के मुताबिक 2012 से अब तक एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की 596 घटनाएं हुईं जबकि सीमा पर पाकिस्तान ने 848 बार सीजफायर का उल्लंघन किया। ज्यादातर मामलों में यह आतंकियों की घुसपैठ के लिए कवर फायरिंग थी।

इस अवधि में 206 आतंकी घुसपैठ करने में सफल रहे। इनमें से सिर्फ दो को जिंदा पकड़ा जा सका। इस दौरान एलओसी पर घुसपैठ का प्रयास करने वाले 140 आतंकियों को सेना के जवानों ने मार गिराया जबकि एलओसी और सीमा के जरिए घुसपैठ का प्रयास करने वाले 414 आतंकी वापस पाकिस्तान सीमा और पीओके वापस खदेड़े गए।

पाकिस्तानी जासूसी मॉड्यूल को निष्क्रिय करने के प्रयास के तहत 2013 से अब तक 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में सशस्त्र बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों की संख्या 12 है। इस आरोप में 20 नागरिकों को भी पकड़ा गया है। श्रीलंका के एक और पाकिस्तान के एक नागरिक की भी जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी हुई है।

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