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पाकिस्तान से बातचीत को लेकर हुर्रियत खुश

Fri, 20 Mar 2015 12:18 AM IST
Updated Fri, 20 Mar 2015 12:18 AM IST
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hurriyat is happy over talks with pakistan

हुर्रियत (म) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक की अध्यक्षता में श्रीनगर में गुरुवार को हुई एग्जीक्यूटिव कौंसिल की बैठक में भारत-पाक रिश्तों को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मीरवाइज ने बताया कि राज्य के मौजूदा राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ भारत-पाक के रिश्तों को लेकर बात हुई।

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उन्होंने दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच हुई बातचीत को एक अच्छी पहल बताते हुए कहा कि कश्मीर मसले का समाधान सही ढंग से होना चाहिए। इसे सुलझाने में हुर्रियत की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। उसरकार चाहे कोई भी बने, लेकिन कश्मीर का मुद्दा एक सियासी मुद्दा है, जिसका समाधान दोनों देशों पर निर्भर है।
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इसलिए हम चाहते हैं कि दोनों देशों में नजदीकियां बढ़े और इसका हल निकल सके। पाकिस्तानी हाई कमिश्नर से होने वाली मुलाकात को लेकर मीरवाइज ने कहा कि हम उन्हें आश्वस्त करेंगे कि हुर्रियत दोनों देशों के बीच बातचीत के हक में है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री स्वयं मुद्दों को सुलझाएं।

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'मसले का हल चाहते हैं लोग'

hurriyat is happy over talks with pakistan

दोनों देशों को सार्क सम्मलेन और अन्य कार्यक्रमों का इंतजार नहीं करना चाहिए बल्कि इस्लामाबाद और दिल्ली को खुद फैसले लेते हुए बातचीत में तेजी लानी चाहिए। दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ाने से पहले कई ऐसे मसले हैं जिनसे रिश्तों को मजबूत करने में और आसानी हो, जैसे अफस्पा और सियासी कैदियों का मसला।

उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत से कश्मीर मसले का समाधान निकल सकेगा। घाटी के लोग मामले का हल निकलने के हक में हैं। इससे उन्हीं को लाभ होगा। इसलिए हुर्रियत एक सकारात्मक सोच लेकर बातचीत के लिए जाएगी। मीरवाइज मौलवी उमर फारूक ने अमित शाह के बयान पर कहा कि अगर भाजपा कश्मीर मुद्दे का हल निकालने की सोच रखती है तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है।

राजनाथ सिंह का बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक आईएसआई आतंकियों को सहयोग देना बंद नहीं करेगी तब तक कोई बातचीत नहीं होगी, पर कहा कि घाटी में आतंकी गतिविधियां कम हुई हैं, जिसे सेना भी मान रही है। उन्हें चाहिए कि बातचीत को आगे बढ़ाएं हालात खुद ब खुद सुधरने लगेंगे।

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