बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्ती सरकार का तोहफा
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मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में बिजली उपभोक्ताओं को तोहफा मिला। कैबिनेट ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए एमनेस्टी स्कीम पर मुहर लगा दी।
इसके अलावा सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी को 22 फीसदी से कम कर 10 फीसदी करने को भी मंजूरी प्रदान की। अधिसूचना जारी होने के दिन से उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
कैबिनेट ने एक अगस्त 2015 तक के बकाया बिजली बिलों पर 100 फीसदी सरचार्ज को हटाने को मंजूरी दे दी है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को बकाया बिल को चार बराबर किश्तों में 31 मार्च 2016 तक जमा करने को कहा गया है।
सरकारी विभागों को छोड़ घरेलू और एग्रीकल्चर क्षेत्र से जुड़े जो उपभोक्ता अपना बिजली बिल जमा करवा चुके हैं, वह इस योजना का लाभ पाने के योग्य नहीं है।
प्रत्येक डिवीजन में विशेष शिविरों का आयोजन
कैबिनेट ने बिजली विभाग को प्रत्येक डिवीजन में विशेष शिविरों का आयोजन कर योजना को सफलतापूर्वक लागू करने को कहा है। इसके अलावा सरकार ने बिजली विकास विभाग की मीटर रीडिंग और बिल डिस्ट्रीब्यूशन की गतिविधियों को आउटसोर्स करने को भी मंजूरी प्रदान कर दी है।
साथ ही जम्मू-कश्मीर स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को साल में दो बार बिजली किराया ढांचे के वितरण की समीक्षा करने और सरकार को इस गौर करने की सिफारिश करने भी भी दिशा निर्देश जारी किए।
कैबिनेट ने औद्योगिक नीति 2004 को दो महीने के लिए बढ़ा दिया। यह अवधि पहली सितंबर से 31 अक्टूबर तक होगी या नई औद्योगिक नीति की अधिसूचना जारी होने से जो भी पहले होगी। इसके साथ ही एएनएस सिंचाई नहर परियोजना राजोरी को भी मंजूरी दी।
मेसर्स ईसीआई-एसआरएम को 43.80 करोड़ रुपये में इसका ठेका दिया गया। बैठक में 6500 मीट्रिक टन बिटुमिन को खुले मार्केट से खरीदने की मंजूरी दी गई।