कश्मीर: भाजपा को कितने वोट मिले
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रियासत के चुनाव में तमाम जतन के बाद भी भले ही भाजपा के मिशन कश्मीर को तगड़ा झटका लगा हो, लेकिन घाटी की 34 सीटों पर पार्टी के लड़ाके खूब लड़े। एक सीट पर पार्टी उपजेता रही तो आधा दर्जन सीटों पर तीसरे स्थान पर।
खास बात यह है कि कई सीटों पर पार्टी ने अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया है। घाटी की 46 सीटों में से 34 सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशी खड़े किए थे। श्रीनगर जिले की हब्बाकादल सीट पर मोती कौल उपजेता रहे। इस सीट पर उन्होंने पीडीपी और कांग्रेस प्रत्याशियों को पीछे छोड़ दिया।
हजरतबल, अमीराकदल, कुपवाड़ा एवं बिजबिहाड़ा में पार्टी तीसरे स्थान पर रही, लेकिन इन सभी सीटों पर पार्टी प्रत्याशी ने कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी तरह सोनवार में पार्टी प्रत्याशी को मिले मत भी कांग्रेस प्रत्याशी से अधिक रहे।
लद्दाख में दूसरे और तीसरे स्थान पर
कुलगाम, बड़गाम, खानियार, वाचि और शोपियां में भी पार्टी कांग्रेस से आगे रही। इसी तरह लद्दाख क्षेत्र की चार सीटों में लेह में सीधी लड़ाई में पार्टी दूसरे स्थान पर रही तो नुबरा एवं झंस्कार में तीसरे स्थान पर। कारगिल में चौथे स्थान पर पार्टी रही।
खास बात यह है कि नुबरा एवं झंस्कार में पार्टी प्रत्याशियों को पीडीपी से अधिक मत मिले। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह चुनाव भले ही संख्या बल की दृष्टि से भाजपा के लिए सुखद न रहा हो, लेकिन कई मायनों में बेहतर परिणाम मिले हैं। आगे चलकर निश्चित रूप से इसका लाभ मिलेगा। यह पहला चुनाव है जिसमें पार्टी को मजबूती मिली है।
महिला प्रत्याशियों को भी कांग्रेस से अधिक वोट-
भाजपा ने घाटी में तीन महिला प्रत्याशी उतारे थे। अमीराकदल से हिना भट्ट तीसरे स्थान पर रहीं। उमर के खिलाफ सोनवार से द्राक्षा अंद्राबी पांचवें और जदिबल से नीलम गश आठवें स्थान पर रहीं। हिना और द्राक्षा को कांग्रेस प्रत्याशी से अधिक मत मिले।