कश्मीर हालात पर गृह मंत्रालय ने NSA को भेजी रिपोर्ट
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कश्मीर घाटी में वर्तमान हालातों के सुधार के मद्देनजर गृह मंत्रालय द्वारा एनएसए अजीत डोभाल को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक एजेंसियों द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को भेजी गई इस रिपोर्ट में कश्मीर घाटी में वर्तमान हालातों के आधार पर मिले इनपुट्स के आधार पर कुछ 'एक्शन प्वाइंट्स' सुझाए गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि घाटी में हालात पर काबू रखने के लिए सबसे पहले मस्जिद, मदरसों और मीडिया पर नियंत्रण रखना होगा। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में कश्मीर घाटी के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कुछ नई वित्तीय योजनाओं को कश्मीर घाटी में प्रभावी रूप से लागू करने के साथ साथ कई अन्य कदमों की जरूरत का भी जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मस्जिदों और मदरसों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है। इसके अलावा शिया, बकरवाल और पहाड़ी मुस्लिम आबादी के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कुछ विशेष योजनाओं की शुरूआत करने का सुझाव दिया गया है।
पत्थरबाजों पर कार्रवाई करने का सुझाव
इसके साथ साथ कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी में लगातार शामिल रहने वाले युवाओं पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई करने और ऐसे कामों में शामिल होने वाले नाबालिगों के लिए सुधार गृह की स्थापना का सुझाव दिया है। घाटी में वित्तीय विकास के कार्यक्रमों और बेरोजगारी दूर करने के लिए भी रिपोर्ट में कई सुझाव दिए गए हैं।
इसके अंतर्गत प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत कश्मीर घाटी में प्रोजेक्ट संचालित करने के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही कंपनियों को सीएसआर के अंतर्गत सालाना टारगेट के अनुसार कश्मीर घाटी में काम करने का निर्देश देने का भी सुझाव दिया गया है।
इन सब के साथ साथ रिपोर्ट में कहा गया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को जम्मू-कश्मीर मीडिया द्वारा घाटी में विद्रोहियों का समर्थन किए जाने से रोकना होगा। रिपोर्ट में जम्मू कश्मीर पुलिस एसओजी में भी कई सुधारों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में कश्मीर घाटी में हाल के हालातों के मद्देनजर कई अन्य सुझाव भी दिए गए हैं जिनमे अलगाववाद से निपटने, घाटी में आतंकियों को रोकने समेत सीमा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।