कश्मीर दौरे पर समीक्षा बैठक में बोले शाह, हिंसा मुक्त हो अमरनाथ यात्रा, सुरक्षा एजेंसियां रहें अलर्ट
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा है कि वह एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा को हिंसा मुक्त सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। वह बुधवार को अमरनाथ यात्रा की समीक्षा कर रहे थे।
Srinagar: Union Home Minister Amit Shah chairs review meeting on security arrangements for upcoming #AmarnathYatra at Sher-i-Kashmir International Convention Centre (SKICC); Jammu & Kashmir Governor Satya Pal Malik also present. pic.twitter.com/jntLDKaymR
— ANI (@ANI) June 26, 2019विज्ञापन
समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं को बैठक के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आतंरिक सुरक्षा) एपी माहेश्वरी ने बताया कि कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों से कहा कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के मामले में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। हर हालत में एसओपी का पालन किया जाना चाहिए। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण करें।
Srinagar: Union Home Minister Amit Shah today conducted a review meeting of the security arrangements for #AmarnathYatra. He directed all security agencies to be fully alert & take all preventive steps to ensure violence free Yatra. pic.twitter.com/BuObUN4VjU
— ANI (@ANI) June 26, 2019
विशेष सचिव के अनुसार, गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों को न केवल यात्रा की सुरक्षा के लिए, बल्कि भक्तों और पर्यटकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए नवीनतम तकनीकों और गैजेट्स का सर्वोत्तम संभव उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से एंटी सैबोटेज तथा एंटी सब वर्जन और एक्सेस कंट्रोल प्रोसीजर की ओर सुरक्षा बलों का ध्यान आकर्षित किया।
यात्रा के काफिले के मूवमेंट के दौरान शाह ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के महत्व को रेखांकित करते हुए बिंदुवार चर्चा के दौरान कहा कि काफिले की समय पर रवानगी सुनिशचित करने के साथ ही निर्धारित स्थानों पर तय समय के बाद बैरिकेड्स लगाए जाने चाहिए। साथ ही यत्रियों और पर्यटकों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। कॉनवाय मूवमेंट के दौरान सभी प्रारंभिक प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेड्स का उपयोग किया जाना चाहिए तथा यहा हर समय सुरक्षा बलों की तैनाती होनी चाहिए।
Srinagar: Union Home Minister Amit Shah and Jammu & Kashmir Governor Satya Pal Malik hold review meeting over several development projects in the state. pic.twitter.com/C4wTBoTumT
— ANI (@ANI) June 26, 2019
आपात स्थिति से निपटने को प्रशिक्षित कर्मी तैनात हों
महेश्वरी ने बताया कि बैठक में आपदा या किसी आपात स्थिति के बारे में गृह मंत्री ने कहा इससे निपटने के लिए सभी प्रकार की तैयारियां होनी चाहिए तथा विशिष्ट इकाइयां और प्रशिक्षित कर्मी तैनात होने चाहिए। आधार शिविरों में सर्वोत्तम संभव सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। यात्रा की व्यवस्था पर प्रतिनियुक्त लोगों के लिए आवश्यक सुविधाओं पर जोर देते हुए उन्होंने सभी कर्मियों के लिए उचित आचरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। कहा, यात्रा के दौरान सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी स्टाफ द्वारा पूरी शालीनता बरती जानी चाहिए।
उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में शाह ने सभी सुरक्षा बलों और विभिन्न एजेंसियों को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की सलाह दी साथ ही यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के जोखिम को कम करने के लिए पूरे राज्य में घुसपैठ के संभावित बिंदुओं सहित सभी संवेदनशील स्थानों को कवर करने की आवश्यकता भी दोहराई। उन्होंने यात्रा के दौरान संभव सर्वोत्म व्यवस्थाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहरायी ।
बैठक में ये थे मौजूद
इस बैठक में राज्यपाल सत्यपाल मलिक, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा, विशेष सचिव (आतंरिक सुरक्षा) एपी महेश्वरी, प्रमुख सचिव बीवीआर सुबह्मणयम, जीओसी नॉर्दन कमांड ले, जनरल रणबीर सिंह के अलावा सभी सुरक्षा एजंसियों के प्रमुख मौजूद थे।
राज्यपाल ने प्रोटोकाल तोड़कर किया शाह का स्वागत
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के श्रीनगर के टेक्निकल एयरपोर्ट पहुंचने पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक और उनके सलाहकारों समेत पुलिस, सेना और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बता दें कि आमतौर पर राज्यपाल हमेशा प्रधानमंत्री को रिसीव करने पहुंचते थे लेकिन मलिक ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए गृह मंत्री का स्वागत किया गया। अमित शाह सीधा राज भवन गए जहां से वह श्रीनगर के एसकेआईसीसी पहुंचे जहां उन्होंने प्रशासनिक और सभी सुरक्षा एजंसियों के आला अधिकारियों के साथ एक के बाद एक बैठकें कीं।