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‘हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बनाया’, महाराजा के जन्मदिवस पर अवकाश हो घोषित: कर्ण सिंह
Fri, 20 Sep 2019 07:52 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 20 Sep 2019 07:52 PM IST
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महाराजा हरि सिंह
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से महाराजा हरि सिंह के जन्मदिवस (23 सितंबर) को अवकाश घोषित करने की मांग की है। उन्होंने एक बयान में कहा कि उनके दोनों पुत्रों अजातशत्रु सिंह और विक्रमादित्य सिंह के इस संबंध में विधान परिषद में लाए गए प्रस्ताव को मंजूरी भी मिली, लेकिन इसके बावजूद अवकाश घोषित नहीं हुआ। लोगों की तरफ से वर्षों से यह मांग की जा रही है।
कर्ण सिं ने कहा कि महाराजा हरि सिंह ने ही 26 अक्तूबर 1947 में विलय के प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा बनाया था। इसके अलावा वह जन कल्याण के लिए दूरदर्शी, आर्थिक और सामाजिक सुधार लाने वाले शासक भी रहे। 1929 में उन्होंने जम्मू कश्मीर में सभी मंदिरों के द्वार दलितों के लिए खुलवा दिए थे।
जन आकांक्षाओं को पूरा करें सरकार: सुनील
जम्मू कश्मीर एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं समाजसेवी सुनील महाजन ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित कर जन आकांक्षाओं को पूरा करें। महाराजा जम्मू कश्मीर के लोगों के दिल में बसते हैं और उन्होंने जम्मू कश्मीर को भारत का अटूट हिस्सा बनाने का ऐतिहासिक फैसला भी किया। पूर्ववर्ती सरकारें राष्ट्रवादी जन आकांक्षाओं की अनदेखी करती रहीं। सत्ता में अब राष्ट्रवादी सरकार है। ऐसे में महाराजा हरि सिंह की जयंती पर राजपत्रित अवकाश की घोषणा होनी चाहिए।
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हरि सिंह के जन्मदिवस पर अवकाश घोषित करने की मांग
डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने एक बयान में महाराजा हरि सिंह के जन्मदिवस (23 सितंबर) पर अवकाश घोषित करने की मांग की है। चाढ़क ने कहा कि महाराजा का जन्मदिवस सभा की तरफ से धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को सभा भवन में सुबह 10 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील कि वुमेन एजुकेशन, जेंडर इक्वेशन, छुआछुत को हटाने आदि को लेकर महाराजा के बताए रास्ते पर चलें। इसी के साथ सभा की तरफ से सभी शिक्षा विभागों और संस्थानों से अपील की गई कि वह इस दिन कार्यक्रम का आयोजन करें और महाराजा के बारे में विद्यार्थियों और लोगों को शिक्षित करें।
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कर्ण सिं ने कहा कि महाराजा हरि सिंह ने ही 26 अक्तूबर 1947 में विलय के प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा बनाया था। इसके अलावा वह जन कल्याण के लिए दूरदर्शी, आर्थिक और सामाजिक सुधार लाने वाले शासक भी रहे। 1929 में उन्होंने जम्मू कश्मीर में सभी मंदिरों के द्वार दलितों के लिए खुलवा दिए थे।
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जन आकांक्षाओं को पूरा करें सरकार: सुनील
जम्मू कश्मीर एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं समाजसेवी सुनील महाजन ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित कर जन आकांक्षाओं को पूरा करें। महाराजा जम्मू कश्मीर के लोगों के दिल में बसते हैं और उन्होंने जम्मू कश्मीर को भारत का अटूट हिस्सा बनाने का ऐतिहासिक फैसला भी किया। पूर्ववर्ती सरकारें राष्ट्रवादी जन आकांक्षाओं की अनदेखी करती रहीं। सत्ता में अब राष्ट्रवादी सरकार है। ऐसे में महाराजा हरि सिंह की जयंती पर राजपत्रित अवकाश की घोषणा होनी चाहिए।
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हरि सिंह के जन्मदिवस पर अवकाश घोषित करने की मांग
डोगरा सदर सभा के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने एक बयान में महाराजा हरि सिंह के जन्मदिवस (23 सितंबर) पर अवकाश घोषित करने की मांग की है। चाढ़क ने कहा कि महाराजा का जन्मदिवस सभा की तरफ से धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को सभा भवन में सुबह 10 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील कि वुमेन एजुकेशन, जेंडर इक्वेशन, छुआछुत को हटाने आदि को लेकर महाराजा के बताए रास्ते पर चलें। इसी के साथ सभा की तरफ से सभी शिक्षा विभागों और संस्थानों से अपील की गई कि वह इस दिन कार्यक्रम का आयोजन करें और महाराजा के बारे में विद्यार्थियों और लोगों को शिक्षित करें।