टीचर्स नियुक्ति पर हाइकोर्ट ने दिया सरकार को झटका
जेएनएफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अदालत ने आदेश में कहा कि मामले की अगली सुनवाई तक चयन सूची के आधार पर नियुक्ति न की जाए।
सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की ओर से एडवोकेट केएम भट्टी ने नोटिस स्वीकार की, जिसे अदालत ने एक सितंबर, 2014 तक अपना पक्ष रखने को कहा है।
याचिका में लगाया गया था हेराफेरी का आरोप
याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा कि प्रतिवादी की ओर से जारी चयन सूची उनके द्वारा ही जारी अधिसूचना का पूरी तरह से उल्लंघन है। अधिसूचना में लिखा गया कि उच्च शिक्षा प्राप्त प्रतिभागी को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।
याचिकाकर्ता चयन सूची को देखकर उस समय हतप्रभ रह गई, जब उसने सामान्य स्नातक प्रतिभागियों के नाम सूची में देखे। जो याचिकाकर्ता से मेरिट सूची में काफी नीचे थे। कुछ चयनित प्रतिभागियों के नाम शार्ट लिस्ट में भी नहीं थे। इस तरह चयन सूची अधिसूचना का उल्लंघन है।