जम्मू-कश्मीर सहित देश में हाई अलर्ट, नापाक मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में आतंकी
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अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद आतंकवादी लगातार घाटी का सहित देश का माहौल खराब करने की फिराक में जुटे हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे इनपुट मिले हैं कि आतंकवादी जम्मू-कश्मीर सहित देश के कई राज्यों में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। इन राज्यो में जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, पंजाब व उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
बता दें कि कश्मीर घाटी के अनंतनाग और बारामूला जिले में सोमवार को आतंकियों ने ताबड़तोड़ कई वारदातों को अंजाम दिया। बिजबिहाड़ा में रात को आतंकियों ने कटड़ा निवासी एक ट्रक चालक की हत्या कर दी, जबकि सोपोर में बस स्टैंड के नजदीक दो बार ग्रेनेड हमले किए। दोनों घटनाएं मंगलवार को होने वाले यूरोपीय यूनियन के सांसदों के कश्मीर दौरे से एक दिन पहले अंजाम दी गई हैं। माना जा रहा है कि आतंकी ईयू सांसदों के दौरे से तो बौखलाहट में हैं ही, वो 31 अक्तूबर को राज्य पुनर्गठन कानून के लागू होने से पहले लोगों में दहशत भी फैलाना चाहते हैं।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा इलाके के कनीलवान इलाके में सोमवार रात आतंकियों ने इशारा कर दो ट्रकों को रोक लिया। ट्रक रुकने पर आतंकियों ने दोनों ट्रकों पर सवार छह लोगों को बाहर निकाल कर पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद एक चालक को गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक की शिनाख्त रियासी जिले के कटड़ा निवासी नारायण दत्त के रूप में की गई है। चालक के कुछ साथी मौके से जान भाग निकले। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दो लोगों को उसने बचा लिया।
लगातार ट्रक चालकों को निशाना बना रहे हैं आतंकवादी
बीते एक पखवाड़े के दौरान आतंकियों द्वारा ट्रक चालकों को निशना बनाए जाने की चौथी घटना है। पुलिस ने इलाके की नाकेबंदी कर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है। इससे पहले सोमवार को दोपहर बाद 4:15 बजे आतंकियों ने सोपोर बस स्टैंड के नजदीक भीड़भाड़ वाले इलाके में होटल प्लाजा में एक-एक कर दो ग्रेनेड फेंके, जिसमें 20 नागरिक घायल हो गए।
छह घायलों को इलाज के लिए श्रीनगर भेजा गया है। एक घायल महिला की हालत नाजुक है। जहां यह घटना हुई, वह काफी भीड़भाड़ वाला इलाका है। धमाके के वक्त यहां दुकानें खुली हुई थीं। तमाम लोग वहां लगे मेवे और सब्जी के ठेलों से खरीदारी कर रहे थे। धमाका होने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। चारों ओर खून बिखरा पड़ा था। लोग जमीन पर पड़े हुए कराह रहे थे।
धमाका होते ही स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए और सुरक्षाबलों ने उनके सहयोग से घायलों को अस्पताल भेजा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायलों में दो महिलाएं भी हैं। गंभीर रूप से घायल छह लोगों को बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर रेफर कर दिया गया है। अन्य घायलों का इलाज उप जिला चिकित्सालय में सोपोर में चल रहा है।