कश्मीर के कुलगाम में हिसंक प्रदर्शनों के बाद तनाव, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों से मुठभेड़ के बाद रविवार को हिंसक झड़पें हुई हैं। जानकारी के मुताबिक रविवार शाम को कश्मीर में भड़की हिंसा के बाद से ही पूरी घाटी में भारी तनाव का माहौल बरकरार है।
इसके साथ ही अलगाववादियों द्वारा कुलगाम चलो के आवाहन के बाद से ही कश्मीर घाटी के कई इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक घाटी में तनाव को देखते हुए श्रीनगर समेत कई अन्य जिलों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
सूत्रों के मुताबिक घाटी के तनाव के कारण श्रीनगर के कई इलाकों खासकर के डाउन टाउन के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्रीनगर के साथ साथ कुलगाम को जोड़ने वाले सभी रास्तों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। सुरक्षाबलों के जवान और एजेंसियों के अधिकारी लगातार घाटी के हालातों पर नजर रखे हुए हैं।
नागरिकों के मारे जाने पर नेशनल कांफ्रेंस ने आपत्ति जताई
लगाम में मुठभेड़ के दौरान दो नागरिकों के मारे जाने से इलाके में तनाव व्याप्त है। पूरे जिले में संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा न मिले। प्रशासन ने स्थिति पर बारीक नजर रखने की हिदायत दी है। अलगाववादियों ने इस मामले में सोमवार को बंद और 15 फरवरी को कुलगाम चलो का नारा दिया है।
मुठभेड़ के दौरान दो नागरिकों के मारे जाने पर नेशनल कांफ्रेंस ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। कुलगाम जिलाध्यक्ष और विधायक अब्दुल मजीद भट लारमी ने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने बल प्रयोग किया, जिसकी वजह से दो लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
कहा कि प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की माफी दो लोगों की जिंदगी नहीं लौटा सकती है। इस मामले में सरकार को दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अवाम को यह आश्वस्त किया था कि निरीह लोगों की जान नहीं जाएगी। सुरक्षाबलों की ओर से एसओपी का पालन नहीं किया जा रहा है।