कश्मीर में लोकसभा चुनाव के लिए होगी अभेध सुरक्षा, घाटी के सभी बूथ संवेदनशील की श्रेणी में
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घाटी में हो रहे उपचुनावों में लगभग सभी मतदान केंद्र संवेदनशील तथा अति संवेदनशील श्रेणी में है। दोनों सीटों के लिए 3194 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें श्रीनगर में 1559 तथा अनंतनाग में 1635 केंद्र हैं। आतंकी तंजीमों तथा अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार के आह्वान के चलते सभी केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों के इंतजाम रहेंगे।
केंद्र से इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतमनु का कहना है कि चुनाव को निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए केंद्र से अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई है। फिलहाल 54 कंपनियां आ रही हैं।
चुनाव आयोग की ओर से नियमित रूप से घाटी में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर सूचनाएं मांगी जा रही हैं। पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है ताकि नियमित रूप से स्थिति पर नजर रखी जा सके।
घाटी में चुनाव के मद्देनजर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती
चुनाव बहिष्कार के पोस्टर चस्पा किए जाने, चुनाव से दूर रहने की धमकियों तथा सुरक्षाबलों पर हमलों में बढ़ोतरी को लेकर आयोग प्रत्याशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित तो है ही, साथ ही मतदान प्रतिशत कम न होने पाए, इसकी भी कवायद की जा रही है।
इसी वजह से पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है ताकि लोगों के दिमाग से भय को निकाला जा सके। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही स्वीप के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
हालांकि, नेकां-कांग्रेस की ओर से भी मतदान बहिष्कार न करने की अपील की जा रही है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि यदि बहिष्कार हुआ तो इसका सीधा फायदा पीडीपी को मिल सकता है। लोगों को मतदान कर सरकार के प्रति अपने गुस्से का इजहार करना चाहिए।