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मंदिरों के शहर में घुट रहा है दम, प्रदूषण से आंख और गले के रोगियों की संख्या में इजाफा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 05 Jun 2017 08:21 PM IST
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बढ़ता प्रदूषण
- फोटो : डेमो फोटो
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मंदिरों के शहर जम्मू का हाल बेहाल है। धूल और धुआं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। हवा में ऐसे तत्वों की अधिकता है, जो सेहत को खराब कर रहे हैं। आंखों समेत गले के मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में इनके मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। प्रदूषण का यह हाल रिहायशी इलाकों का है। औद्योगिक क्षेत्रों में हालत तो और खराब है।
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जम्मू-कश्मीर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े खुद इस बात की तसदीक करते हैं। नरवाल और एमएएम स्टेडियम के रिहायशी इलाकों का जो हाल इसी मई माह के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानिटरिंग स्टेशन दिखा रहे हैं, वह संभलने की ओर इशारा करते हैं। प्रदूषण का स्तर बताने वाले तत्वों आरएसपीएम और एसपीएम की हवा में मौजूदगी 24 घंटे की मानक सीमा से कहीं अधिक है।
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मानक सौ एमजी/घन मीटर, जबकि एसपीएम की दो सौ एमजी/घन मीटर है। हकीकत में इनका स्तर इससे कहीं अधिक। हालांकि, अधिकारी मानते हैं कि स्थिति बहुत खराब नहीं। कुछ कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया जा सकता है।
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