{"_id":"203a26b007af668946dc604265fab3aa","slug":"heavy-flood-in-jammu-and-kashmir-hindi-news-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्यौहार पर भी दिखी घरौंदे बसाने की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्यौहार पर भी दिखी घरौंदे बसाने की चिंता
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Tue, 07 Oct 2014 03:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी में सैलाब गुजरने के एक महीने बाद भी उजड़े हुए घरौंदों को फिर से बसाने की चिंता ईद के दिन भी बाढ़ पीड़ितों के चेहरों पर साफ दिखाई दी।
विज्ञापन
आज से ठीक एक महीना पहले हमेशा शांत रहने वाली झेलम के रौद्र रूप ने शहर के पॉश इलाकों राजबाग, जवाहर नगर, खुरसू, महजूर नगर, गोगजी बाग, लाल चौक आदि इलाकों में कहर बरपा दिया था।
विज्ञापन
लोगों के आशियानों से लेकर व्यापार तक को भारी क्षति पहुंची थी। उस कहर के असर से आज तक जनजीवन पटरी पर नहीं आ पाया है। बाढ़ के कई दिन बाद भी ईद के पावन मौके पर हमेशा व्यस्त रहने वाले राजबाग, जवाहर नगर आदि इलाकों में ईद की नमाज तक अता नहीं की गई।
विज्ञापन
ईद पर भी इन इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। बाढ़ से क्षति को झेलने वाली अवाम में भी ज्यादा उत्साह नहीं देखा गया। अलबत्ता पुराने शहर में कई जगहों पर ईद की नमाज अता की गई। ईद पर भी लोग घरों, दुकानों आदि की साफ-सफाई में जुटे रहे। नये सिरे से जिंदगी शुरू करने की चिंता लोगों में साफ दिखाई दी।