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Jammu News: जनऔषधि केंद्र खुलने से मिली थी खुशी अब बंद होने से बह रहे परेशानी के आंसू
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अरनिया। अरनिया अस्पताल में जन औषधि केंद्र खुलने से लोगों को खुशी मिली थी, लेकिन यह एक महीने से बंद है। इससे लोग परेशानी के आंसू बहा रहे हैं। उनको बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
जन औषधि केंद्र से मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया होती हैं लेकिन इसके बंद होने से लोग बाहर निजी दुकानों पर दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। इसके चलते उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अरनिया अस्पताल परिसर में छह महीने पहले जन औषधि केंद्र खोला गया था लेकिन पांच महीने सुचारु होने के बाद पिछले एक महीने से जन औषधि केंद्र बंद पड़ा है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जन औषधि केंद्र बंद होने से निजी दुकानों से दवाएं खरीदने पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र गरीब लोगों के लिए रामबाण सिद्ध हो रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते यह बंद हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और क्षेत्र के विधायक को जन औषधि केंद्र को तुरंत बहाल करना चाहिए। अरनिया अस्पताल में जन औषधि केंद्र लोगों की मांग के बाद खोला गया था। जन औषधि केंद्र का दौरा विधायक राजीव भगत भी कर चुके हैं। उन्होंने जन औषधि केंद्र की कमियों को पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। अरनिया अस्पताल के अंतर्गत लगभग 15 पंचायतें और अरनिया कस्बे के लोग निर्भर हैं लेकिन हैरत की बात है कि जन औषधि केंद्र के मामले में स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हैं।
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जन औषधि केंद्र से मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया होती हैं लेकिन इसके बंद होने से लोग बाहर निजी दुकानों पर दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। इसके चलते उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अरनिया अस्पताल परिसर में छह महीने पहले जन औषधि केंद्र खोला गया था लेकिन पांच महीने सुचारु होने के बाद पिछले एक महीने से जन औषधि केंद्र बंद पड़ा है।
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क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जन औषधि केंद्र बंद होने से निजी दुकानों से दवाएं खरीदने पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र गरीब लोगों के लिए रामबाण सिद्ध हो रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते यह बंद हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और क्षेत्र के विधायक को जन औषधि केंद्र को तुरंत बहाल करना चाहिए। अरनिया अस्पताल में जन औषधि केंद्र लोगों की मांग के बाद खोला गया था। जन औषधि केंद्र का दौरा विधायक राजीव भगत भी कर चुके हैं। उन्होंने जन औषधि केंद्र की कमियों को पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। अरनिया अस्पताल के अंतर्गत लगभग 15 पंचायतें और अरनिया कस्बे के लोग निर्भर हैं लेकिन हैरत की बात है कि जन औषधि केंद्र के मामले में स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हैं।
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