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बुजुर्ग और बीमार वायरल को हल्के में न लें, तुरंत करवाएं कोविड जांच
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जम्मू। सरकार की नई गाइड लाइन के तहत भले ही 90 फीसदी से अधिक संक्रमित लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, लेकिन बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों के लिए इस संक्रमण को हल्के में लेना घातक साबित हो रहा है। प्रदेश के अस्पतालों में घरों से ही कई लोगों को मृत लाया जा रहा है, जिनकी जांच में उनके कोविड संक्रमित होने का पता चला है। जीएमसी जम्मू में पिछले बारह दिन में ऐसे पांच मामले आ चुके हैं। इनमें अधिकांश 60 से 70 आयु वर्ग के बीच के मृतक थे। इस संबंध में डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बीमारों को सामान्य वायरल को हल्के में नहीं लेने की सलाह दी है।
डॉक्टरों के अनुसार होम आइसोलेशन के दौरान खासतौर पर बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। गंभीर लक्षण होने पर उन्हें तत्काल निकट अस्पताल में दिखाना चाहिए। जीएमसी में गत 8 जनवरी को नानक नगर निवासी महिला, इसी दिन पलोड़ा निवासी व्यक्ति, 16 जनवरी को सुभाष नगर निवासी महिला, इसी दिन न्यू प्लाट निवासी व्यक्ति और 19 जनवरी को तालाब तिल्लो निवासी एक व्यक्ति को घर से मृत लाया गया। जांच में उनके कोविड संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इनमें अधिकांश बुजुर्ग पहले से अन्य कई बीमारियों से पीड़ित थे। जनवरी में संक्रमित मामले बढ़ने से होम आइसोलेशन में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में लेवल 1 और 2 के अस्पतालों में 4994 कोविड समर्पित बिस्तरों पर साढ़े चार सौ के करीब ही मरीज भर्ती हैं, जो कुल बिस्तरों पर 10 फीसदी के करीब हैं, जबकि अन्य सभी संक्रमित घरों पर ही उपचार ले रहे हैं।
स्वास्थ्य जांच करवा कर पाएं उपचार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि जो बुजुर्ग और बीमार घर पर आइसोलेट हैं, उन्हें सामान्य वायरल होने पर तत्काल अस्पताल में जांच करवानी चाहिए। सीडी अस्पताल जम्मू में स्थापित ट्रायएज में जाकर अपने स्वास्थ्य की जांच करवा सकते हैं। जरूरत के मुताबिक उचित इलाज किया जाएगा। मौजूदा समय में प्रदेश में डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों वैरिएंट सक्रिय हैं। दोनों वैरिएंट पहले से बीमार लोगों के लिए घातक साबित हो रहे हैं। एक बड़ी आबादी में लोग वायरल संक्रमण होने पर कोविड परीक्षण नहीं करवा रहे हैं, जिसमें घरों में कोविड संक्रमण के मामले छूट रहे हैं। पहले से शारीरिक क्षमता से कमजोर होने के कारण बुजुर्ग और बीमार लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं, जोकि चिंताजनक है।
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डॉक्टरों के अनुसार होम आइसोलेशन के दौरान खासतौर पर बुजुर्ग और पहले से बीमार लोगों को अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। गंभीर लक्षण होने पर उन्हें तत्काल निकट अस्पताल में दिखाना चाहिए। जीएमसी में गत 8 जनवरी को नानक नगर निवासी महिला, इसी दिन पलोड़ा निवासी व्यक्ति, 16 जनवरी को सुभाष नगर निवासी महिला, इसी दिन न्यू प्लाट निवासी व्यक्ति और 19 जनवरी को तालाब तिल्लो निवासी एक व्यक्ति को घर से मृत लाया गया। जांच में उनके कोविड संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इनमें अधिकांश बुजुर्ग पहले से अन्य कई बीमारियों से पीड़ित थे। जनवरी में संक्रमित मामले बढ़ने से होम आइसोलेशन में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में लेवल 1 और 2 के अस्पतालों में 4994 कोविड समर्पित बिस्तरों पर साढ़े चार सौ के करीब ही मरीज भर्ती हैं, जो कुल बिस्तरों पर 10 फीसदी के करीब हैं, जबकि अन्य सभी संक्रमित घरों पर ही उपचार ले रहे हैं।
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स्वास्थ्य जांच करवा कर पाएं उपचार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि जो बुजुर्ग और बीमार घर पर आइसोलेट हैं, उन्हें सामान्य वायरल होने पर तत्काल अस्पताल में जांच करवानी चाहिए। सीडी अस्पताल जम्मू में स्थापित ट्रायएज में जाकर अपने स्वास्थ्य की जांच करवा सकते हैं। जरूरत के मुताबिक उचित इलाज किया जाएगा। मौजूदा समय में प्रदेश में डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों वैरिएंट सक्रिय हैं। दोनों वैरिएंट पहले से बीमार लोगों के लिए घातक साबित हो रहे हैं। एक बड़ी आबादी में लोग वायरल संक्रमण होने पर कोविड परीक्षण नहीं करवा रहे हैं, जिसमें घरों में कोविड संक्रमण के मामले छूट रहे हैं। पहले से शारीरिक क्षमता से कमजोर होने के कारण बुजुर्ग और बीमार लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं, जोकि चिंताजनक है।
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