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सरहदों के बीच पिस रही पाकिस्तानी मासूम

Sat, 23 Aug 2014 12:56 AM IST
Updated Sat, 23 Aug 2014 12:56 AM IST
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HC notice to Pakistan high commission on child's custody

पाकिस्तान निवासी चार वर्षीय बच्ची को किसे सौंपा जाए। पाकिस्तान में रहने वाली बुआ, मामा या फिर श्रीनगर निवासी बच्ची के सौतेले पिता के चाचा को। हाईकोर्ट ने पाक उच्चायोग को नोटिस जारी कर इस मामले को हल करने में सहायता करने को कहा है।

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शुक्रवार को न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल व न्यायमूर्ति एसपी गर्ग की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान बच्ची के मामा ने सुपुर्दगी की मांग करते हुए कहा कि फिलहाल बच्ची यात्रा करने की हालत में नहीं है। उन्होंने कोर्ट से वीजा की अवधि बढ़ाने की मांग की है।
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बुआ ने मांगी है बच्ची की कस्टडी

HC notice to Pakistan high commission on child's custody

खंडपीठ के समक्ष पेश याची बुआ शाजिया नाज के अधिवक्ता ने बच्ची को उनकी मुवक्किल को सौंपने का निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा पाक निवासी बच्ची के पिता की मौत वर्ष 2012 में हो गई थी।

इसके बाद बच्ची की मां उसे लेकर भारत आई। मां ने वर्ष 2013 में दिल्ली में निकाह कर लिया। 14 जून 2014 को बच्ची की पाकिस्तानी मां व श्रीनगर निवासी सौतेले पिता दिल्ली से कश्मीर जाते हुए सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए।

जिसके बाद 17 जून को उनकी मौत हो गई। दुर्घटना में बच्ची भी बुरी तरह से घायल हो गई थी। फिलहाल वह श्रीनगर में अपने सौतेले पिता के चाचा के घर रह रही है।

पाकिस्तानी कोर्ट ही मामले का निपटारा करे

HC notice to Pakistan high commission on child's custody

इससे पूर्व जम्मू कश्मीर पुलिस व दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि बच्ची श्रीनगर में है। दुर्घटना में बच्ची की दोनों टांगे खराब होने के अलावा उसकी किडनी व लीवर को भी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि बच्ची का मामा जॉन बरकत व मौसी बरकत शमीम भी उसके साथ है। खंडपीठ ने सभी के पक्ष सुनने के बाद कहा कि मामला पाकिस्तानी नागरिकों का है और पाकिस्तानी कोर्ट ही मामले के निपटारे के लिए उचित अथारिटी है।

खंडपीठ ने पाकिस्तानी उच्चायोग को नोटिस जारी कर इस मामले को हल करने में सहायता करने को कहा है। इसके अलावा अदालत ने पुलिस को जॉन बरकत के पासपोर्ट की जांच कर 25 अगस्त को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

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