नावेद को छुड़ाने या खत्म करने की फिराक में हाफिज
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उधमपुर में मारे गए आतंकी मोमीन और जिंदा पकड़े गए आतंकी नावेद को जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद और याकूब मेमन के भाई टाइगर मेमन ने खुद ट्रेनिंग दी थी। ट्रेनिंग के दौरान दोनों कई बार ट्रेनिंग कैंप में आए और आतंकियों को हमलों की विशेष ट्रेनिंग दी।
खुफिया एजेंसियों को इसकी पुख्ता सूचना मिली है। इससे पहले भी जब आतंकियों ने भारत में बड़े हमले किए हैं, उसकी रणनीति हाफिज सईद ने बनाई और हमला करने वाले आतंकियों को खुद प्रशिक्षण दिया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि हाफिज नावेद को मारने या छुड़ाने की साजिश भी रच रहा है। आईएसआई का मानना है कि नावेद का जिंदा रहना या भारत के पास रहना उनके लिए मुश्किल पैदा कर सकता है। इसलिए नावेद को या तो छुड़ाना होगा या फिर उसे मारना होगा। ताकि उससे और पूछताछ न हो।
आतंकी कसाब को भी हाफिज ने ट्रेनिंग दी
सूत्रों का कहना है कि करीब दो महीने पहले हाफिज टाइगर ने पीओके के मुजफ्फराबाद में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप का दौरा किया। यहां आतंकी नावेद और मोमीन भी ट्रेनिंग कर रहे थे। इन दोनों के अलावा करीब 40 और आतंकी थे।
मुंबई में हमला करने वाले आतंकी कसाब को भी हाफिज ने ट्रेनिंग दी। पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में दो भारतीय सेना के जवानों के सिर काटने वाली बैट टीम को भी हाफिज ने तैयार किया था। अब उधमपुर के हमले में भी हाफिज का ही नाम सामने आ रहा है।
एनआईए ने मंगलवार को सरवाल अस्पताल में नावेदके स्वास्थ्य की जांच कराई। करीब बीस मिनट तक नावेद को चेकअप हुआ, लेकिन अस्पताल के रिकार्ड में नावेद का नाम दर्ज नहीं है। यहां तक कि संबंधित क्षेत्र की पुलिस को भी बाहर ही रखा गया।