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आतंकी हमलों से निपटने के लिए मांगा गन लाइसेंस
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Thu, 26 Mar 2015 01:52 AM IST
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भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ और आतंकी हमलों से दहशतजदा सीमावर्ती ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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हरियाचक चौक के पास ओल्ड सांबा-कठुआ मार्ग को जाम कर प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि डेढ़ साल में तीन आतंकी हमले हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम करने में प्रशासन नाकाम रहा है। ऐसा ही चलता रहा तो ग्रामीणों को व्यापक आंदोलन करना होगा।
इस दौरान स्थानीय दुकानें घंटों लगातार बंद रहीं। हरियाचक सहित आसपास की पंचायतों से एकत्रित ग्रामीणों में शामिल सरपंच अशोक कुमार ने कहा कि सीमांत इलाके के लोगों की सुरक्षा को लेकर न तो सरकार गंभीर है और न ही प्रशासन।
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उन्होंने कहा कि सीमावर्ती ग्रामीणों को बंदूकों के लाइसेंस दिए जाने चाहिए। स्थानीय युवाओं को सुरक्षा निगरानी तंत्र में शामिल किया जाना चाहिए।
इसी तरह से पुलिस, सीआरपीएफ और सेना के संयुक्त नाकों को स्थाई रूप से लगाया जाना चाहिए, ताकि आए दिन होने वाले आतंकी गतिविधियों से निपटा जा सके।
प्रदर्शनकारियों में शामिल राकेश कुमार, तरसेम लाल, राकेश सिंह, ओमप्रकाश सहित अन्य लोगों ने कहा कि वर्तमान में बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं। किसान खेतों में जाने से परहेज कर रहे हैं। पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
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ऐसे में प्रशासन को लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। डीएसपी डीएआर कुलजीत सिंह ने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा इंतजामों में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ी जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।