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Ground Zero : संघर्ष विराम के चार दिन बाद भी हालात को लेकर दुविधा, अरनिया में कई लोग नहीं लौटे घर

Wed, 14 May 2025 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा राजीव सिंह, अरनिया से
राजीव सिंह, अरनिया से Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 14 May 2025 06:03 AM IST
सार

जम्मू के अरनिया सीमावर्ती क्षेत्र में सीजफायर की स्थिति को लेकर स्थानीय लोग गहरी दुविधा में हैं। संघर्ष विराम के चौथे दिन सीमा पर पूरी तरह शांति रही, हालात बता रहे हैं अमर उजाला के रिपोर्टर...

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Ground Zero:there is uncertainty about the situation, many people have not returned home in Arnia
सीमा पर सेना की कड़ी नजर - फोटो : ANI

विस्तार

जम्मू के अरनिया सीमावर्ती क्षेत्र में सीजफायर की स्थिति को लेकर स्थानीय लोग गहरी दुविधा में हैं। न तो वे सुरक्षित ठिकानों में टिक पा रहे हैं और न ही पूरी तरह अपने घरों की ओर लौटने का साहस कर पा रहे हैं। 

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सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में संघर्ष विराम के उल्लंघन की खबरों ने लोगों की चिंता और भय को और बढ़ा दिया है। अरनिया सेक्टर के निवासी अब भी पूरी तरह से घरों की ओर वापस नहीं लौटे हैं। स्थानीय ग्रामीण अनिल कुमार ने बताया कि लोग असमंजस में हैं। 
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हम परिवार के सदस्यों के साथ घर वापसी का जोखिम नहीं उठा सकते। इसका असर रोजमर्रा के कार्यों पर भी पड़ रहा है। किसान रवि कुमार ने खेती-किसानी पर मंडराते संकट को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघन के कारण धान की रोपाई बेहद मुश्किल है। 
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अभी तो पनीरी की रोपाई चल रही है, लेकिन इस माहौल में फसल को अंजाम तक पहुंचाना बहुत मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह स्थिति स्पष्ट करे, ताकि लोग बिना डर के अपने घरों में लौट सकें और सामान्य जीवन की ओर बढ़ सकें।

असमंजस में लोग
भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक चली गोलाबारी और मिसाइल हमलों के बाद अब संघर्षविराम लागू हो चुका है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोग आज भी उस तबाही और मानसिक आघात से जूझ रहे हैं, जिसने उनके जीवन की नींव हिला कर रख दी है।

लगातार तोपों से बरसे गोले और हवाई हमलों ने सैकड़ों परिवारों को बेघर और असहाय बना दिया है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि अब तक हुए प्रारंभिक आकलन में कुल 147 बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त पाए गए हैं, जिनमें 54 व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। 

India Pakistan Conflict : सीमा पर शांति...लेकिन संघर्ष विराम के छिटपुट उल्लंघन से असमंजस में घाटी के लोग
आवासीय इमारतों में से 21 पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, जबकि शेष आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही चार गोले निष्क्रिय किए गए हैं। यानी खतरा अब भी पूरी तरह टला नहीं है।
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