{"_id":"613ee0b38ebc3eca726e4529","slug":"grenades-found-outside-crpf-bunker-in-bemina-area-of-srinagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों ने नाकाम की आतंकी साजिश, राष्ट्रीय राजमार्ग पर छह चाइनीज ग्रेनेड बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों ने नाकाम की आतंकी साजिश, राष्ट्रीय राजमार्ग पर छह चाइनीज ग्रेनेड बरामद
Mon, 13 Sep 2021 10:55 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 13 Sep 2021 10:55 AM IST
सार
रोड ओपनिंग पार्टी के जवानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर एक डिवाइडर के पास रेत के बैग में रखे गए छह ग्रेनेड बरामद किए हैं।
विज्ञापन
बरामद ग्रेनेड
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीनगर के बेमिना इलाके में सुरक्षाबलों ने आतंकियों की एक साजिश को नाकाम किया है। रेत के बैग में रखे गए छह ग्रेनेड बरामद हुए हैं। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बता दें कि रोड ओपनिंग पार्टी के जवानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर एक डिवाइडर के पास रेत के बैग में रखे गए छह ग्रेनेड बरामद किए। यह सभी चीन निर्मित ग्रेनेड हैं। जवानों की सूझबूझ से बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है। पुलिस ने सभी ग्रेनेड अपने कब्जे में ले लिए है।
विज्ञापन
उधर, कश्मीर में हाइब्रिड आतंकियों की मौजूदगी ने सुरक्षाबलों के कान खड़े कर दिए हैं। सुरक्षाबलों के लिए यह नई चुनौती है। स्लीपर सेल की तरह के ये पार्टटाइम आतंकी निहत्थों को निशाना बना रहे हैं। कश्मीर में हाल ही में हुईं नेताओं व पुलिसकर्मियों की हत्याओं में हाइब्रिड आतंकी शामिल थे। इन पार्टटाइम हाइब्रिड आतंकियों को ट्रैक करने में दिक्कतें आती हैं क्योंकि ये वारदात को अंजाम देने के बाद अपने सामान्य कामकाज में लग जाते हैं। लेकिन ऐसे हाइब्रिड आतंकियों पर अब पूरी निगरानी रखी जा रही है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- जब नदी से निकलने लगे आतंकी: सुरक्षाबल भी अचरज में पड़ गए, देखिए दरिया में आतंकियों के ठिकाने
विज्ञापन
श्रीनगर समेत घाटी में पिछले कुछ सप्ताह में साफ्ट टारगेट को निशाना बनाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। ये घटनाएं ऐसे पिस्तौल धारी युवकों की ओर से करवाई गई है जो सुरक्षा एजेंसियों की सूची में आतंकी के रूप में नहीं हैं। ऐसे आतंकियों को खोजना मुश्किल होता है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हाइब्रिड आतंकियों को हैंडलर्स की ओर से आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए स्टैंडबाय में रखा जाता है। वह दिए गए टास्क को पूरा करने के बाद नए टास्क का इंतजार करते हैं। इस बीच वह अपने सामान्य कामकाज को करने लगते हैं।
यह भी पढ़ें- रो पड़ी घाटी: शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ा जन सैलाब, परिवार की हालत ने सबको झकझोर दिया
रविवार को श्रीनगर में पुलिस सब इंस्पेक्टर अर्शीद अहमद पर भी इसी तरह का हमला हुआ। जिसमें एक आतंकी ने पिस्टल से अर्शीद अहमद पर कई राउंड फायरिंग की। पुलिस का दावा है कि आतंकी की पहचान कर ली गई है।
कौन है हाइब्रिड आतंकी
हाइब्रिड आतंकी वे हैं जो सुरक्षाबलों की सूची में नहीं है। स्लीपर सेल की तरह ही इन युवाओं को पार्टटाइम आतंकी बनाया गया है। लेकिन इन्हें बरगलाकर इस तरह का कट्टरपंथी बनाया जाता है कि हैंडलर की ओर से सौंपे गए टास्क के तहत हमले कर सकते हैं। इसके बाद वे अपने सामान्य कामकाज में जुट जाते हैं। इन्हें पहचानने में दिक्कतें आती हैं।