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जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग करने के पीछे राज्यपाल ने बताए चार कारण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 22 Nov 2018 08:28 AM IST
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : फाइल
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग कर दिया। उन्होंने प्रदेश में स्थिरता और सुरक्षा के साथ ही उचित समय पर चुनाव कराने के लिए इसे बेहतर कदम करार दिया। उन्होंने गठबंधन सरकार की जगह विधानसभा भंग किए जाने को तरजीह देने के यह चार कारण गिनाए हैं।
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कारण नंबर 1- विपरीत विचारधारा वाली राजनीतिक पार्टियों के साथ आने से स्थिर सरकार बनना असंभव था। इनमें वह पार्टियां भी शामिल थीं, जो विधानसभा भंग करने की मांग कर रही थीं। पिछले कुछ सालों का अनुभव रहा है कि टूटे जजादेश के साथ स्थिर सरकार बनाना संभव नहीं होता। जो पार्टियों साथ आई थीं, उनकी जिम्मेदार सरकार बनाने की जगह सत्ता पाने की कोशिश अधिक थी।
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कारण नंबर 2- सरकार बनाने के लिए अन्य विधायकों का समर्थन जरूरी थी। ऐसे में हार्स ट्रेडिंग और पैसे के लेन-देन की संभावनाएं अधिक थीं। इस तरह की रिपोर्ट भी मिल रही थीं। लेाकतंत्र के लिए इस तरह की गतिविधियां हितकारी नहीं थीं। इससे राजनैतिक प्रक्रिया दूषित होती।
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कारण नंबर 3- अगर विपरीत विचारधारा वाले दलों की सरकार बन भी जाती तो उसके लंबे चलने में गहरा संदेह था। बहुमत हासिल करने के चक्कर में कभी भी इनमें टूट होती। सरकार स्थित न होती।
कारण नंबर 4- रियासत में सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए यहां आतंक निरोधी आपरेशनों में तैनात सुरक्षाबलों के लिए, जो कि धीरे-धीरे सुरक्षा हालातों पर नियंत्रण पाने में लगे हैं, एक स्थिर और सहयोगी वातावरण की जरूरत है। जो स्थिर सरकार से ही संभव है।