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जम्मू की सरकार दिखाए पंडितों को घर बसाने की हिम्मत

Wed, 15 Apr 2015 11:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 15 Apr 2015 11:01 PM IST
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government settled kashmiri pandits proprly in valley

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भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार ने दुख जताया कि कश्मीर से उजड़े कश्मीरी पंडितों को वहां बसाने के काम में कुछ तत्व रुकावट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने ही देश में लाखों लोगों का शरणार्थी बनना विश्व के इतिहास में बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है।

कश्मीर की राष्ट्रीय समस्या से वह बचपन से जुड़े हैं। 62 साल पहले 1953 में कश्मीर आंदोलन में सत्याग्रह किया था और 8 माह जेल में रहे थे। उस समय उनकी आयु 19 साल की थी।
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1953 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में भारतीय जनसंघ ने आंदोलन किया लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ। कांग्रेस राज में कश्मीर में पाकिस्तान की सहायता से आतंकवाद बढ़ा।
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लाखों कश्मीरी पंडितों को आतंकित किया गया। उनकी बहू बेटियों का सम्मान लूटा गया और बहुत से मारे गए। इस कारण उन्हें अपना घर और संपत्ति छोड़कर यहां वहां भटकना पड़ा है। उस समय की प्रदेश और देश की सरकार चुपचाप देखती रही।


केंद्र की नई सरकार ने उन सभी कश्मीरी पंडितों को कश्मीर में बसाने का निर्णय किया है। वर्तमान जम्मू की सरकार ने इस पर सहमति प्रकट की थी लेकिन, अब कुछ तत्वों को उकसाया जा रहा है। 25 साल से दर-दर भटक रहे कश्मीरी पंडितों को अपने प्रदेश में बसाने की योजना को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।

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