जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन की कोशिश आखिरी दौर में
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जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी की साझा सरकार बनाने की कोशिश आखिरी दौर में है। गृहमंत्री और वित्त मंत्री से मिलने के बाद शनिवार को वोहरा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद में सरकार का स्वरूप एक हफ्ते में तय होने के प्रबल आसार हैं।
बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के तौर-तरीकों को लेकर पीडीपी के साथ भाजपा की बातचीत अंतिम दौर में है। कॉमन एजेंडे को लेकर दोनों दलों में सहमती बन गई है। शुक्रवार कोआर्थिक पैकेज कर मोदी सरकार ने प्रदेश की जनता का दिल जीतने का दांव पहले ही चल दिया है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, मुद्दों के अलावा पीडीपी और भगवा दल के बीच इस बात की आपसी सहमति बन चुकी है कि जम्मू-कश्मीर का नेतृत्व मुफ्ती मोहम्मद सईद के हाथों में रहेगा।
उपमुख्यमंत्री का पद भाजपा के निर्मल सिंह को
वहीं उपमुख्यमंत्री का पद भाजपा के निर्मल सिंह को दिया जाएगा। वहीं पीडीपी की महबूबा मुफ्ती को मोदी सरकार में मंत्री का पद भी दिया जा सकता है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि एक हफ्ते के भीतर पीडीपी और भाजपा की सरकार पर निर्णय हो जाएगा।
बताया जा रहा है कि दोनों दलों के बीच सरकार गठन की शर्तों पर चर्चा पूरी हो गई है, लेकिन दिल्ली चुनावों पर इसका प्रतिकूल असर न पडे़, इससे बचने के लिए चुनाव के बाद फैसले पर अमल होगा।
भाजपा रणनीतिकारों को लगता है कि चुनाव के पहले जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ जाने के ऐलान से पार्टी के समर्थक और कार्यकर्ता ठगा महसूस कर सकते हैं। भाजपा समर्थक पीडीपी के बजाय नेशनल कांफ्रेंस को उदार मानते हैं।