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'काम छोड़ो' हड़ताल पर गए सरकारी बाबू
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Sat, 23 Aug 2014 02:27 AM IST
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वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग सरकार द्वारा पूरी न करने पर लिपिक संघ ने दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले दिन सरकारी बाबुओं ने कोई काम नहीं किया। अपनी कुर्सी छोड़कर स्टाफ ने संघ के बैनर तले सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
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उन्होंने अपनी चेतावनी को दोहराते हुए कहा कि अगर विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पूर्व उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। संघ के जिला अध्यक्ष मनोहर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्लेरिकल स्टाफ को 3 जून को भरोसा दिलाते हुए कहा कि महीने के अंदर वेतन विसंगतियों को दूर कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया बल्कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की वेतन विसंगतियां दूर करने का ऐलान कर दिया।
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क्लेरिकल स्टाफ की समस्या को फिर नजरअंदाज कर दिया गया। इससे साफ होता है कि सरकार की मंशा हर विभाग का काम काज संभालने वाले सरकारी बाबुओं की अनदेखी करना है। इस मौके पर सुरजीत सिंह जसरोटिया ने कहा कि कई बार सरकार से वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की गई और सरकार ने उतनी ही बार आश्वासन दिया लेकिन अब उन्हें मजबूर किया जा रहा है हड़ताल और आंदोलन के लिए।
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उन्होंने कहा कि संघ द्वारा सरकार को दो टूक चेतावनी दी गई है कि यदि आदर्श आचार संहिता लागू होने से पूर्व तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया तो उनके पास आंदोलन के सिवाय दूसरा कोई विकल्प नहीं रहेगा। ऐसे में किसी भी तरह की स्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
प्रदर्शनकारियों में सुरेंद्र मेहता, राम चंद शर्मा, जयपाल वर्मा, जियालाल गुप्ता, अनिल सिंह, गंगा राम शर्मा, पवन शर्मा, नवीन चंद्र खजूरिया, शिवकुमार, पुुरुषोत्तम दास आदि मौजूद थे।