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‘कश्मीर घाटी में सैनिक और कश्मीरी पंडितों की कालोनियां नहीं बनने देंगे’
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Fri, 13 May 2016 10:00 PM IST
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प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों से बात करते यासीन मलिक
- फोटो : Amar Ujala
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जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन मोहम्मद यासीन मलिक ने चेतावनी दी है कि घाटी में सैनिक तथा पंडितों की कालोनी नहीं बनने दी जाएगी। नई औद्योगिक नीति का भी विरोध किया।
पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कश्मीरी पंडित हमारे भाई हैं, हमारे समाज का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी हाल में वह पंडितों के लिए कंपोजिट टाउनशिप बनाने नहीं देंगे। कश्मीर में करीब 10000 पंडित अपने घरों में कश्मीरी मुसलमानों के साथ मिलकर रह रहे हैं।
इस टाउनशिप को बनाने का कोई मतलब ही नहीं। सैनिक कॉलोनी का विरोध करते हुए कहा कि चाहे सैनिक जम्मू कश्मीर का हो या नहीं, कोई भी कालोनी कश्मीर में नहीं बनने देंगे। यहां करीब एक लाख पुलिस कर्मी हैं, जो नौकरी के दौरान पुलिस कालोनियों में रहते हैं और रिटायरमेंट के बाद अपने पैतृक घरों की ओर चले जाते हैं।
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ऐसे में सैनिक कॉलोनी बनाने का क्या मतलब है। मलिक ने कश्मीर के उद्योगपतियों और व्यापारियों से इस नीति से दूर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि जो ऐसा नहीं करेगा, तो उन लोगों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार की काल जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जबसे महबूबा ने कमान संभाली है, तब से अत्याचार, हत्या और हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर को कहानियां गढ़ने और झूठ बोलने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
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पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कश्मीरी पंडित हमारे भाई हैं, हमारे समाज का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी हाल में वह पंडितों के लिए कंपोजिट टाउनशिप बनाने नहीं देंगे। कश्मीर में करीब 10000 पंडित अपने घरों में कश्मीरी मुसलमानों के साथ मिलकर रह रहे हैं।
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इस टाउनशिप को बनाने का कोई मतलब ही नहीं। सैनिक कॉलोनी का विरोध करते हुए कहा कि चाहे सैनिक जम्मू कश्मीर का हो या नहीं, कोई भी कालोनी कश्मीर में नहीं बनने देंगे। यहां करीब एक लाख पुलिस कर्मी हैं, जो नौकरी के दौरान पुलिस कालोनियों में रहते हैं और रिटायरमेंट के बाद अपने पैतृक घरों की ओर चले जाते हैं।
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ऐसे में सैनिक कॉलोनी बनाने का क्या मतलब है। मलिक ने कश्मीर के उद्योगपतियों और व्यापारियों से इस नीति से दूर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि जो ऐसा नहीं करेगा, तो उन लोगों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार की काल जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जबसे महबूबा ने कमान संभाली है, तब से अत्याचार, हत्या और हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर को कहानियां गढ़ने और झूठ बोलने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।