आतंकियों संग पकड़े गए डीएसपी मामले पर उप राज्यपाल मुर्मू बोले- जल्द ही सच सामने होगा
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जम्मू कश्मीर में बना देश का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए समर्पित कर दिया गया है। आज यानी कि बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश के उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने इसका उद्घाटन किया।
इस दौरान उन्होंने हाल ही में आतंकियों संग पकड़े गए डीएसपी दविंदर सिंह मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने घाटी के माहौल को लेकर कहा कि हालात तेजी से बेहतर हो रहे हैं। मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाली की समीक्षा की जा रही है। जल्द ही इसे बहाल किया जाएगा।
आतंकियों संग पकड़े गए डीएसपी दविंदर सिंह मामले पर उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा कि डीएसपी मामले की जांच चल रही है। जल्द ही हकीकत सामने होगी। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले कल यानी कि मंगलवार को उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू के सलाहकार फारूक खान ने हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह के मामले को लेकर कहा कि मामले से संबंधित कोई भी जानकारी साझा नहीं करूंगा, मामले की जांच चल रही है। इस दौरान उन्होंने दविंदर सिंह को धोखेबाज करार दिया। साथ ही उसे पकड़ने व खुलासा करने का श्रेय जम्मू कश्मीर पुलिस को दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक दल उन मामलों पर राजनीति कर रहे हैं जो सीधे भारत की सुरक्षा से संबंधित हैं।
बता दें कि हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ पकड़े गए डीएसपी दविंदर सिंह से पूछताछ में हुए खुलासे के बाद सोमवार को उसके श्रीनगर में इंदिरा नगर स्थित आवास पर छापा मारा गया। पूरे मामले से जुड़ी अहम कड़िया तलाशने के लिए एक दर्जन जांच टीम बनाई गई हैं। यह टीम कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में जांच कर रही हैं। एक टीम स्थायी तौर पर शोपियां में है। मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। हालांकि, पहले से ही तमाम खुफिया एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर इसकी जांच कर रही हैं। डीएसपी से आईबी और रॉ समेत कई एजेंसियों ने पूछताछ की है।
डीएसपी कई मोबाइल फोन ऑपरेट कर रहा था। इन नंबरों से सिर्फ वह आतंकियों से बात करता था। इन नंबरों की जांच भी की जा रही है। इन नंबरों से फोन कॉल, या फिर सोशल मीडिया के जरिये हुई गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है।
कश्मीर में डीएसपी के साथ पकड़े गए दोनों आतंकी गणतंत्र दिवस पर बड़े हमले की फिराक में थे। सूत्रों का कहना है कि आतंकी पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़ और जम्मू में हमले की साजिश रच रहे थे। दोनों आतंकियों के साथ कुछ और आतंकियों को भी जुड़ना था।