पाक ने एशिया के स्विटज़रलैंड को बना दिया जहन्नुम
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आतंकियों की बंदूकों के सहारे कश्मीर हासिल करने की जंग पाकिस्तान 67 सालों से बदस्तूर लड़ रहा है, लेकिन कश्मीर का जो हिस्सा उसके पास है, वह किसी जहन्नुम से कम नहीं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगित, बाल्टिस्तान क्षेत्र के लोगों को पाकिस्तान से आजादी चाहिए।
गिलगित, बाल्टिस्तान नेशनल कांग्रेस के निदेशक ने पाक फौज के जुल्मों की दास्तां बयां करते हुए ताजनगरी में कश्मीर के करगिल और गिलगित के बीच कारोबार के लिए रास्ते खोलने की मांग की ताकि पाकिस्तान के जुल्मों को दुनिया देखे और कारोबार से क्षेत्र की बदहाली दूर हो पाए।
गिलगित, बाल्टिस्तान यानी पाकिस्तानी कब्जे वाले लद्दाखी क्षेत्र। यहां के मूल निवासी और अब अमेरिका में रह रहे सेंगे हसनैन सेरिंग इन दिनों भारत की यात्रा पर जनमानस को इस मुद्दे पर जोड़ने निकले हैं। सिकंदरा के हरदीप एंकलेव में कश्मीर पर चिंतन कार्यक्रम में सेंगे हसनैन सेरिंग ने कहा कि पाकिस्तान ने अवैध रूप से गिलगित बाल्टिस्तान पर कब्जा किया है। वह संस्कृति, भाषा को खत्म कर रहा है। गिलगित के लोग पाकिस्तान के साथ नहीं रहना चाहते।
भारत के साथ कारोबार होगा तो उनके क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। 70 फीसदी शिया और 30 फीसदी लद्दाखी मूल के लोगों को हटाकर पंजाबी, पठानी लोगों को बसाया जा रहा है। अपना हक मांगने वाले बच्चों तक पर पाक फौज गोली चलाती है। दिल्ली में जम्मू कश्मीर स्टडी सेंटर के निदेशक आशुतोष भटनागर ने कश्मीर के मौजूदा हालात पर चर्चा की। (फोटो- सोशल मीडिया)
एशिया का स्विटज़रलैंड बन सकता है गिलगिट
पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में यूरेनियम, सोना, रूबी, लेपसलेजली के साथ हैवी मेटल हैं। पहाड़ी इलाके में जल विद्युत और पर्यटन की संभावनाएं हैं। यह क्षेत्र चीन, तजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान के साथ कश्मीर के लद्दाख से जुड़ा हुआ है। कभी यहीं से सिल्क रूट गुजरता था।
इस रास्ते के जरिए पूरा सेंट्रल एशिया भारत से बेहद नजदीक जुड़ जाएगा। कारोबार के लिए रास्ता खुलने से यह क्षेत्र एशिया के स्विट्जरलैंड की तरह बन सकता है। चीन से पाकिस्तान के समुद्री रास्ते से 21 दिन के उलट इस क्षेत्र से महज 14 घंटे में माल पहुंच रहा है।
इंस्टीट्यूट आफ गिलगित-बल्तिस्तान स्टडीज के जरिए सेंगे सेरिंग अमेरिका, यूरोप, जापान और अफ्रीकी देशों में पाकिस्तान से आजादी के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। उनका मानना है कि विश्व बिरादरी पाकिस्तान पर दबाव डाले। वह पाक अधिकृत कश्मीर के पिछड़ेपन, आतंकवाद और लोगों की सोच से दुनिया को रूबरू करा रहे हैं।