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गांव मुरुई से गुजरती नहर में एक मृत मवेशी मिलने पर वीरवार रात करीब सात बजे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे ग्रामीण मवेशी को मारने वालों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन वह ग्रामीणों का गुस्सा शांत करवाने में सफल नहीं हुई।
प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे से गुजर रहे एक बाइक सवार की बाइक में आग लगा दी और एक ट्रक समेत दर्जनों वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। डीसी की गाड़ी भी पथराव से क्षतिग्रस्त हुई है।
वीरवार रात को गांव मुरुई में मवेशी का शव मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण सरपंच सुखजिंदर पोला के नेतृत्व में हाईवे पर पहंचे गए। उन्होंने मवेशी के मारे जाने की आशंका जताते हुए इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और हाईवे को जाम कर दिया।
बाइक को आग के हवाले कर दिया
जैसे-जैसे समय गुजरता गया प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों की संख्या भी हाईवे पर बढ़ती गई। इसके चलते पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने।
प्रदर्शनकारियों ने हाईवे से गुजर रहे एक बाइक सवार को रोककर ने बाइक को आग के हवाले कर दिया, जबकि एक ट्रक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। डीएसपी शमशेर सिंह भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे।
डीसी शीतल नंदा रात को करीब 10 बजे के आसपास मौके पर पहुंचीं। डीसी के देर से पहुंचने से खफा प्रदर्शनकारी उनको देखते ही भड़क गए और पथराव शुरू कर दिया। हालत को बिगड़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर बितर कर दिया गया। हालांकि देर रात तक बारिश होने के बाद भी प्रदर्शनकारी हाईवे पर जमे हुए थे।