'मेरी क्या खता मां... जो मुझे यूं छोड़ चली तू'
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वो अभी चार माह की है, मासूम भी है और बेबस भी। क्योंकि किसी से अपनी बात कह नहीं सकती, दर्द बयां नहीं कर सकती। लड़की है शायद इसलिए मां उसे लावारिश यूं एक बस में छोड़ गई।
मंदिरों के शहर जम्मू में लावारिस बच्चों के मिलने का सिलसिला जारी है। सोमवार को सुबह सात बजे बस स्टैंड में खड़ी छंब सेक्टर की बस (जेके ए ई 5649) की बैक सीट से चार महीने की बच्ची बरामद हुई। पुलिस ने बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने बच्ची को शालामार स्थित एसएमजीएस अस्पताल में स्वास्थ्य सुधार के लिए अस्पताल के वार्ड नंबर अठारह में भर्ती करवाया है। बच्ची के स्वास्थ्य परीक्षण करने वाले डाक्टरों ने बताया कि बच्ची करीब चार महीने की है। उसका वजन साढ़े चार किलो के करीब है और वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
भिखारी निकाल कर ले जा रहा था
बच्ची की सुरक्षा के लिए बस स्टैंड पुलिस थाने से महिला पुलिसकर्मी को नियुक्त कर रखा है जो बच्ची की देखभाल के लिए अस्पताल में बच्ची के साथ रहेगी। बस स्टैंड में बने सुलभ शौचालय में काम करने वाली रानी ने बताया कि सुबह सात बजे के दौरान उसने बच्ची को एक भिखारी के हाथ में देखा था।
रानी ने बताया कि वह ज्यादातर बस स्टैंड में बने सुलभ शौचालय में रहती है और उसे बस स्टैंड में घूमने वाले सभी भिखारियों और उनके परिवार के बारे में पूरी जानकारी है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें भिखारी के हाथ में बच्चा देखकर अटपटा सा लगा तो उन्होंने भिखारी को पास बुलाकर पूछा कि यह बच्ची कहां से मिली है, तो वह जवाब देने में असमर्थ दिखा।
उन्होंने बच्ची को उससे लेकर बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी में ले जाकर पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। रानी ने बताया कि शायद सुबह चार पांच बजे के दौरान किसी ने बच्ची को बस में छोड़ दिया था। रात भर बस में रहने के दौरान बच्ची का पूरा चेहरा मच्छर के काटने से लाल हो गया है।