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J&K निकाय चुनाव: भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व आतंकी कमांडर ने श्रीनगर में डाला वोट
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Updated Wed, 10 Oct 2018 11:46 AM IST
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पूर्व आतंकी कमांडर सैफुल्ला फारूक ने डाला अपना वोट
- फोटो : अमर उजाला
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घाटी में आज निकाय चुनाव के लिए वोटिंग जारी है। इस दौरान श्रीनगर डाउनटाउन से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व आतंकी कमांडर सैफुल्ला फारूक ने भी अपना वोट डाला। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें मौका दिया इसके लिए वह उनका धन्यवाद करते हैं। इसके साथ ही आगे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसका वह निर्वहन करेंगे।
घाटी में जहां आम लोग भाजपा के साथ अपना नाम जोड़ने से पहले सोचते हैं। वहीं एक चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व आतंकी कमांडर रहा सैफुल्ला फारूक भाजपा के टिकट पर श्रीनगर से निकाय चुनाव लड़ने के लिए खड़ा हुआ था।
उसका नामांकन भरते हुए एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुअा था, जिसमें उसके समक्ष भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर मौजूद थे।
बता दें कि फारूक वर्ष 2011 में मुख्यमंत्री पुनर्वास योजना के तहत नेपाल के रास्ते वापस लौटा था और सरेंडर किया था। वह घाटी में सरेंडर आतंकियों की जम्मू-कश्मीर ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन का अध्यक्ष भी रह चुका है।
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वहीं, सैफुल्ला का कहना है कि मैं अमन के लिए कश्मीर में काम कर रहा हूं। मेरा भाई भी आतंकियों द्वारा मारा गया था। अगर आज भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहा हूं तो उसपर सवाल उठाए जा रहे हैं। मेरा चुनाव लड़ने का फैसला सही है, मैंने कोई गलत काम नहीं किया है।
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घाटी में जहां आम लोग भाजपा के साथ अपना नाम जोड़ने से पहले सोचते हैं। वहीं एक चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व आतंकी कमांडर रहा सैफुल्ला फारूक भाजपा के टिकट पर श्रीनगर से निकाय चुनाव लड़ने के लिए खड़ा हुआ था।
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उसका नामांकन भरते हुए एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुअा था, जिसमें उसके समक्ष भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर मौजूद थे।
बता दें कि फारूक वर्ष 2011 में मुख्यमंत्री पुनर्वास योजना के तहत नेपाल के रास्ते वापस लौटा था और सरेंडर किया था। वह घाटी में सरेंडर आतंकियों की जम्मू-कश्मीर ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन का अध्यक्ष भी रह चुका है।
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वहीं, सैफुल्ला का कहना है कि मैं अमन के लिए कश्मीर में काम कर रहा हूं। मेरा भाई भी आतंकियों द्वारा मारा गया था। अगर आज भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहा हूं तो उसपर सवाल उठाए जा रहे हैं। मेरा चुनाव लड़ने का फैसला सही है, मैंने कोई गलत काम नहीं किया है।