जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों का प्रारूप जल्द होगा तय, आयोग की टीम जानेगी हितधारकों की राय
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परिसीमन आयोग की 18 फरवरी को होने वाली बैठक के बाद एक ड्राफ्ट जारी होगा, जिसमें प्रदेश में सात विधानसभा सीटें बढ़ाए जाने की प्रस्तावना शामिल होगी। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में विधानसभा में सीटों की संख्या बढ़कर 114 हो जाएगी। ड्राफ्ट के आधार पर आयोग की टीम पूरे प्रदेश का दौरा कर सभी हितधारकों राजनीतिक दलों, विभिन्न संगठनों के साथ बैठकें कर फीडबैक लेगी।
सांसदों के साथ बैठक में परिसीमन को लेकर उनके विचार जाने जाएंगे। राज्य चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसके बाद परिसीमन का ड्राफ्ट जारी होगा। इसमें प्रत्येक विधानसभा सीट की सीमाओं का जिक्र होगा। जिलों की आबादी, मतदाताओं की संख्या के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण होगा। कुछ सीटों के नाम भी बदले जा सकते हैं। एक बार जब ड्राफ्ट जारी हो जाएगा तो उसके बाद आयोग की गतिविधियां काफी तेज हो जाएंगी। आयोग की टीम प्रदेश के सभी जिलों का दौरा कर लोगों के साथ बैठकें कर उनका फीडबैक प्राप्त करेंगी। ड्राफ्ट पर आपत्तियां भी मंगाई जाएंगी।
परिसीमन आयोग की चेयरमैन रंजना प्रकाश देसाई का एक साल का कार्यकाल पांच मार्च को समाप्त हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि आयोग की अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा। कार्यकाल के विस्तार की समय सीमा पर जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तिथि निर्भर करेगी। भाजपा का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव जल्द हो सकते हैं। पिछले दिनों कश्मीर में राज्य के प्रभारी तरुण चुग ने कहा कि विधानसभा चुनाव जल्द होंगे। परिसीमन का काम पूरा होने के तत्काल बाद चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने चुनाव की समयावधि के बारे में नहीं कहा।
नेकां शामिल नहीं होगी
परिसीमन आयोग की 18 फरवरी को दिल्ली में होने वाली पहली बैठक में नेशनल कांफ्रेंस शामिल नहीं होगी। पार्टी के तीनों सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी व मोहम्मद अकबर लोन बैठक से अनुपस्थित रहेंगे। पार्टी का मानना है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2019 संविधान की भावनाओं के विपरीत है। नेकां ने पुनर्गठन अधिनियम तथा राज्य के विशेष दर्जे की समाप्ति के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर रखी है। ऐसे में बैठक में शामिल होना लाजिमी नहीं है। सांसद हसनैन मसूदी ने कहा कि एक-दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी। यह पता चल जाएगा कि पार्टी के सांसद बैठक में शामिल होंगे या नहीं।
बैठक में भाजपा सांसद तथा राज्य में चुनाव से जुड़े लोग होंगे
बैठक में सांसद व केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह तथा जुगल किशोर शर्मा शामिल होंगे। इसके साथ ही राज्य चुनाव आयुक्त तथा मुख्य चुनाव अधिकारी को भी बुलाया गया है। राज्य चुनाव आयोग कार्यालय की ओर से सभी पांच सांसदों को बैठक में शामिल होने का औपचारिक पत्र भेजा जा चुका है। सांसद डा. जितेंद्र सिंह ने बैठक में शामिल होने की सहमति जता दी है।