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जम्मू-कश्मीर: ड्रोन से जंगलों पर नजर रखेगा विभाग, वन्य जीवों सहित इन पर रहेगी नजर
Sun, 27 Jan 2019 04:07 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 27 Jan 2019 04:07 PM IST
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सार
- ‘फारेस्ट फायर मानिटरिंग एप’ से जंगल में आग पर किया जाएगा काबू
- उत्तराखंड में चल रहा प्रोजेक्ट, अधिकारियों से किया गय संपर्क
- 101387 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल है रियासत का
- 19.5 प्रतिशत यानी 20230 किमी वर्ग पर जंगल
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के जंगलों में अवैध कटाई, लकड़ी की चोरी व वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ड्रोन की मदद लेने पर मंथन कर रहा है। फिलहाल ये प्रोजेक्ट उत्तराखंड में चल रहा है। जहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। राज्य के वन विभाग ने इसके लिए उत्तराखंड के अधिकारियों से संपर्क किया है।वन विभाग ने जंगलों को आग से बचाने के लिए तकनीकि का सहारा लेना शुरू कर दिया है। जंगल में लगने वाली आग के सटीक स्थल की जानकारी के लिए उसने कश्मीर में जीपीएस आधारित ‘फारेस्ट फायर मानिटरिंग एप’ का प्रयोग शुरू कर दिया है। विभाग का कहना है कि इस एप से जरिए घटनास्थल की सटीक जानकारी मिलने से आग को बढ़ने से रोका जा सकेगा और नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकेगा।
वन विभाग ने कर्मचारियों को फील्ड पर एप का उपयोग करने का निर्देश भी दिया है। वन कर्मियों को तकनीक के प्रति जागरूक करने के लिए वर्कशाप का भी आयोजन किया जा रहा है।
"विभाग इस ड्रोन बेस्ड प्रणाली से जंगलों की निगरानी करने पर विचार कर रहा है। विभाग ने हाल ही में फारेस्ट फायर मानिटरिंग एप को लांच किया है। इससे जंगलों में लगी आग को रोकने में मदद मिलेगी।" - फयाज अहमद शाह, प्राइवेट सेक्रेटरी, वन विभाग