फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   flood affected people are having many problem

डाक्टर साहब... पांच दिनों से नींद नहीं आ रही है

Thu, 11 Sep 2014 11:46 AM IST
Updated Thu, 11 Sep 2014 11:46 AM IST
विज्ञापन
flood affected people are having many problem

डाक्टर साहब... पांच दिनों से नींद नहीं आ रही। घर पर सोना तो दूर बैठने तक के लिए जगह नहीं बची। रात को सोने के लिए परिवार सहित छत पर जाते तो हैं लेकिन नींद नहीं आती। कोई ऐसी दवा दें कि नींद आ जाए बस। यह दर्द फ्लाएं मंडाल क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव सूड़ेचक के एक नहीं, दो नहीं बल्कि हर महिला और पुरुष का है।

विज्ञापन


पांच दिन पूर्व शनिवार छह सितंबर को तवी में आई बाढ़ ने खुशहाल ग्रामीणों की पल भर में दुनिया ही बदलकर रख दी। बुधवार को गांव में सेना के पहुंचने और चिकित्सा शिविर लगाने के बाद ग्रामीणों ने अपने दर्द बयां किए।
विज्ञापन


पेशे से श्रमिक रतन लाल कहते हैं कि बाढ़ ने उसका घर तबाह कर दिया। सारा सामान बर्बाद हो गया। कमरों में अभी तक कीचड़ जमा है। पांच दिनों ने नींद नहीं आई है। सोने की कोशिश जब भी करते हैं तो बाढ़ की खौफनाक तस्वीरें आंखों के सामने आ जाती है। पांच दिन बाद आज सेना के डाक्टर गांव में पहुंचे तो उन्होंने अपना दर्द साझा किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब सुख चैन सब छिन चुका है...

flood affected people are having many problem

इस गांव के रवि कुमार, तृप्ता देवी की भी यही दर्द है। उनका कहना है कि बाढ़ ऐसी थी कि सब कुछ तबाह कर दे। रात को सोए हुए हालत में आई बाढ़ ने सब कुछ तबाह करके रख दिया। अब सुख चैन सब छिन चुका है। रात को सोने के लिए गांव में लगभग सभी घरों में जगह तक नहीं बची। खाना पकाने के लिए कुछ नहीं बचा।

सरकारी मदद के तौर पर केवल दस किलो आटा मिला है और कुछ नहीं। सूखे आटे का क्या करें। शुक्र है शिव मंदिर मंडाल के स्वामी हरि राम दास जी का यहां से प्रतिदिन पका हुआ खाना गांव में पहुंच रहा है और लोग भूखे प्यासे तड़पने से बच रहे हैं।

राहत शिविर लगाने तक को नहीं मिली पक्की इमारत

flood affected people are having many problem

तवी में आई भयंकर बाढ़ में बहे फ्लाएं मंडाल पुल के बाद कटे करीब साठ गांवों का सड़क संपर्क सेना की ओर से राहत सेतु का निर्माण कर बहाल होने के बाद बुधवार को बाढ़ प्रभावित गांवों में मची तबाही का मंजर देख सभी सिहर उठे।

बाढ़ से मची तबाही के बाद से गांव में राहत शिविर तक लगाने को पक्की इमारत तक नहीं बची। आलम तो यह है कि पांच दिनों के बाद सेना ने बाढ़ प्रभावित सूड़ेचक स्कूल के परिसर में राहत शिविर लगाया।

स्कूल के कमरों में बाढ़ से कीचड़ जमा होने की वजह से परिसर में ही बीस टेंट लगाए गए। पांच दिनों बाद सेना की ओर से टेंट लगाए जाने के बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।

जम्मू श्रीनगर नेशनल हाइवे बंद हो जाने के बाद वह फंस गए। दो दिन पहले किसी तरह गांव में पहुंचे तो देखा कि पूरा घर, सामान खराब हो चुका है दुधारू पशु बह गए।

परिवार के सदस्यों के पास वही कपड़े ही बचे हैं जो उन्होंने पांच दिन पहले पहने थे। सरकारी मदद के नाम पर दस किलो आटा ही परिवार को मिला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed