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खतरा बन दौड़ रहे साढ़े पांच हजार बस और ट्रक

Sat, 05 Dec 2015 01:12 PM IST
Updated Sat, 05 Dec 2015 01:12 PM IST
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five thousand bus and truck of jammu are completed theier fitness

केंद्र सरकार ने पंद्रह वर्ष पूरे कर चुके वाहनों को अप्रैल से बंद करने का फैसला किया है, वहीं जम्मू संभाग में पंद्रह वर्ष पूरे कर चुके साढ़े पांच हजार वाहन सड़कों पर खतरा बन कर दौड़ रहे हैं।

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ट्रांसपोर्टर आरटीओ जम्मू से फिटनेस सर्टिफिकेट लेकर अपने कामर्शियल वाहनों को कामचलाऊ बनाकर सवारियों को ढोने का काम जारी रखे हुए हैं, जो कि किसी जोखिम से कम नहीं है और आए दिन होने वाले वालों हादसों से मरने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
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जम्मू संभाग की सड़कों पर कुल 7,41,755 वाहन दौड़ रहे हैं, इनमें से 92,383 वाहन कामर्शियल हैं, जिसमें से 3728 ट्रक और 1695 बसें पंद्रह वर्ष पूरे कर चुके हैं।
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बावजूद फिटनेस सर्टिफिकेट लेकर सड़क पर दौड़ रहे हैं। अपने साथ-साथ अन्य वाहनों के लिए हर समय जोखिम बनाए हुए हैं। एआरटीओ मोहम्मद सलीम खान के मुताबिक कामर्शियल वाहनों की एक-एक साल के बाद फिटनेस जांच होती है।

पच्चीस वर्ष के बाद वाहन हो जाते हैं कबाड़

five thousand bus and truck of jammu are completed theier fitness

पंद्रह वर्ष से पच्चीस वर्ष तक छह-छह माह में फिटनेस जांच की जाती है। पच्चीस वर्ष के बाद वाहन को कबाड़ में डाल दिया जाता है। आल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव विजय कुमार शर्मा के मुताबिक प्रदूषण को ध्यान में रखकर सरकार का फैसला करना ठीक है, लेकिन जम्मू की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर यहां वाहनों की अवधि 25 वर्ष की उचित है।

ऐसा नहीं करने वाले ड्राइवर, कंडक्टर और मालिक के हजारों परिवार बेरोजगार हो जाएंगे। स्लीपर कोच बस एसोसिएशन के प्रधान रवि शर्मा के मुताबिक उनकी बसें लांग रूट की हैं। जिस कारण बसों का अच्छा कंडीशन में होना बहुत जरूरी है। अधिकतर बसें अच्छी हालत में चलती है।

एसआरटीसी के संयुक्त महानिदेशक (ओपीएस) मुश्ताक चंदा के मुताबिक वह बिना फिटनेस के बसें चला ही नहीं सकते हैं। उन्होंने सौ बसें स्क्रैप करके वर्कशाप में पहुंचा दी हैं। अभी इंटर डिस्ट्रिक्ट और इंटर स्टेट पांच सौ बसें दौड़ रही हैं।

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