जन्म के कुछ देर बाद ही चल बसे इस मां के पांचों बच्चे
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जम्मू के राजोरी की एक महिला ने एक-दो नहीं, बल्कि पांच बच्चों को एक साथ जन्म दिया, लेकिन सामान्य बच्चे न होने के कारण उनकी थोड़े-थोड़े अंतराल में मौत हो गई। हालांकि बच्चों की मां स्वस्थ है। एक दिन पहले अपनी स्थापना के 75 साल पूरे करने वाले रियासत के सबसे पुराने श्री महाराजा गुलाब सिंह (एसएमजीएस) अस्पताल में पहली बार यह अनोखी घटना घटी।
महिला ने तीन बेटे और दो बेटियों को जन्म दिया। खास बात यह है कि बच्चों का जन्म आपरेशन की बजाय सामान्य रूप से हुआ। हालांकि बच्चों का वजन सामान्य नवजात से काफी कम था। इससे उनकी स्थिति गंभीर बनी रही।
एसएमजीएस अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डा. दारा सिंह ने बताया कि सामान्य बच्चों का जन्म के समय वजन 2.5 से 3.5 किलोग्राम होता है, लेकिन इन बच्चों का वजन मात्र 400-450 ग्राम था। इन बच्चों के शरीर के कुछ हिस्सों के सामान्य तौर पर विकसित न होने पर शुरू से ही संशय था। बच्चों को दोपहर में निको आईसीयू में रखा गया था।
आघे घंटे के भीतर ही हो गई मौत
डाक्टरों की टीम की उन पर पैनी नजर थी, लेकिन आधे-आधे घंटे के अंतराल में उनकी मौत हो गई। बच्चों के पिता और राजोरी के पंजपीर निवासी राम प्रकाश और मां रेखा शर्मा सुबह पांच बच्चों के जन्म से खुश नजर आए, लेकिन उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहे। राम प्रकाश ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में कहा कि सितंबर 2013 में उनका विवाह हुआ।
पत्नी के गर्भवती होने पर राजोरी अस्पताल में जांच करवाई थी। उस समय डाक्टरों ने चार बच्चों की संभावना जताई थी। उसके बाद वह पत्नी को लेकर एसएमजीएस अस्पताल पहुंचे। यहां उनका लगातार इलाज चला। बुधवार रात को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे। सुबह लगभग 11 बजे पांच बच्चों का जन्म हुआ।
पिता के अनुसार डाक्टरों ने बताया था कि बच्चे काफी कमजोर थे और उन्होंने ईश्वर पर उन्हें छोड़ दिया था। पर शायद ईश्वर को कुछ और मंजूर था। दिनभर अस्पताल के स्टाफ में भी बच्चों को देखने की उत्सुकता बनी रही और वह चर्चा का विषय बने रहे।