फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   first installment of the National Saffron Mission issued for kashmir

कश्मीर के केसर पर मेहरबानी, जम्मू की अनदेखी

Wed, 30 Sep 2015 12:21 PM IST
Updated Wed, 30 Sep 2015 12:21 PM IST
विज्ञापन
first installment of the National Saffron Mission issued for kashmir

कृषि विभाग जम्मू संभाग में केसर की पैदावार बढ़ाने को कितना गंभीर है, इसकी पोल खुल गई है। राज्य के केसर के लिए नेशनल सैफरन मिशन के तहत वर्ष 2014-15 के विकास प्लान की पहली किस्त जारी की गई है।

विज्ञापन


इसमें जारी किए प्लान में जम्मू संभाग को नाममात्र फंड मिला है। विभाग ने दावा किया था कि वह कश्मीर की तर्ज पर जम्मू संभाग में केसर की पैदावार को बढ़ाएंगे, लेकिन नई खेती तो दूर, मौजूद दायरे के लिए भी कुछ खास नहीं दिया गया।
विज्ञापन

 
मिशन के तहत पहली किस्त में 25 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें कश्मीर कृषि विभाग को 23 करोड़ 99 लाख, कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय को 30.97 लाख और जम्मू को 65 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेशक केसर मुख्य रूप से कश्मीर में होता है, लेकिन जम्मू के किश्तवाड़ में भी केसर की खेती होती है। यहां पर केसर की अपार संभावनाएं हैं। कश्मीर संभाग में करीब 2000 हेक्टेयर पर केसर की खेती है।

इसमें पांपोर मुख्य रूप से शामिल है। किश्तवाड़ में करीब 200 हेक्टेयर पर खेती की जाती है। यहां पर 500 हेक्टेयर के क्षेत्र को कवर करने की योजना है, लेकिन इस मिशन में मिला पैसा किश्तवाड़ के लिए न के बराबर है। किश्तवाड़ के खाते में 65 लाख ही आए हैं। कृषि विभाग के आयुक्त सचिव की ओर से इसका आर्डर जारी किया गया है।

केसर को 25 करोड़, जम्मू की फसलों का तीन करोड़

first installment of the National Saffron Mission issued for kashmir

राज्य सरकार की तरह केंद्र की ओर से भी जम्मू संभाग की अनदेखी की जा रही है। एक तरफ केंद्रीय योजना नेशनल सैफरन मिशन के तहत पहली किस्त में 25 करोड़ रुपये दिए गए। वहीं जम्मू संभाग की मुख्य फसलों को कम पैसे दिए गए।

केसर मिशन पूरे राज्य के लिए है। इसमें कश्मीर को 24 करोड़ और जम्मू को 65 लाख दिए गए। राज्य की अन्य फसलों के लिए नेशनल फूड सिक्योरिटी प्रोग्राम में पहली किस्त के पांच करोड़ रुपये दिए।

इसमें गेहूं, धान, दलहन शामिल है। यह तीनों फसलें मुख्य रूप से जम्मू संभाग में होती हैं। कश्मीर में सिर्फ धान ही कुछेक स्थानों पर होती है। इन पांच करोड़ में भी कश्मीर को लगभग दो करोड़ रुपये दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed