अमरनाथ यात्रा: बालटाल और पहलगाम पहुंचे 2234 श्रद्धालु, भक्त बोले- आतंकियों का कोई डर नहीं
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बम-बम भोले के जयघोष के साथ रविवार तड़के आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था घाटी की ओर रवाना हुआ। शिव भक्तों में खासा जोश और उत्साह था। उनका कहना था कि उन्हें भगवान शिव पर पूरा विश्वास है। आतंकी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं। सुरक्षाबल भी उनका बेहतर मार्गदर्शन कर रहे हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले जत्थे को रवाना किया गया। इस दौरान आम वाहनों की यात्रा रूट पर आवाजाही बंद रखी गई। पहले जत्थे में 92 छोटे बड़े वाहनों में बालटाल और पहलगाम रूट के लिए 2234 यात्री रवाना हुए।
पहले जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। वे भोले के जयघोष के साथ भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए हमारे सुरक्षाबल मुस्तैदी से तैयार हैं। कई लोग अकेले तो कई परिवार के सदस्यों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आए हैं। जम्मू में 43 डिग्री की भीषण गर्मी भी भोले के भक्तों के जोश और उत्साह को कम नहीं कर पाई है।
पहले जत्थे की रवानगी के दौरान आधार शिविर में पूरा माहौल शिवमय बना हुआ था। हर कोई भोलेनाथ का गुणगान कर रहा था। कोई बाबा का डमरू तो कोई त्रिशूल साथ लेकर बाबा की शक्ति का अहसास करवा रहा था। भक्तजन भोले की मस्ती में जमकर झूमते रहे। बड़ों के साथ बच्चों में भी यात्रा को लेकर काफी उत्साह है। यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए हजारों सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। देशभर से हजारों श्रद्धालु यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। पहले जत्थे की रवानगी के दौरान राज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा, मंडलायुक्त संजीव वर्मा, जिला उपायुक्त रमेश कुमार, एमएलसी विक्रम रंधावा, मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा, एमएलसी रमेश अरोड़ा, नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा आदि पहुंचे।
सीआरपीएफ बैंड से जोरदार स्वागत
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू में पहले जत्थे की रवानगी के दौरान श्रद्धालुओं का सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर बन तालाब के बैंड ने जोरदार स्वागत किया। बैंड से निकली ओम नम शिवाय, यह देश है वीर जवानों का.. आदि धुनों पर श्रद्धालु झूमते रहे। जैसे जैसे बैंड की धुने बढ़ती गई शिव भक्तों में जोश भी बढ़ता चला गया। जत्थे की रवानगी पर बैंड बजता रहा।
श्रद्धालुओं में टीम इंडिया के समर्थक पहुंचे
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से जाने वाले जत्थे में टीम इंडिया के समर्थक भी शामिल थे। दिल्ली से आए छह सदस्यों के दल ने टीम इंडिया की तरह नीली रंग की टीशर्ट, टीशर्ट पर प्रकाशित तिरंगा आदि देशभक्ति से जुड़ी सामग्री पहन रखी थी। दिल्ली निवासी सुशील ने कहा कि वह बाबा बर्फानी के दरबार में टीम इंडिया के विश्व कप में विजेता बनने की कामना करने का जा रहे हैं। टीम इंडिया जरूर वर्ल्ड कप लाएगी। देश के करोड़ों लोगों की दुआएं टीम इंडिया के साथ हैं।
बाइक स्क्वायड ने भक्तों को सुरक्षा कवच दिया
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से पहले जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं को सीआरपीएफ की विभिन्न बटालियनों के संयुक्त कमांडो बाइक स्क्वायड ने सुरक्षा कवच दिया। जत्थे के साथ बाइक स्क्वायड गया। इसमें कई बाइक के पीछे सीट बनाई गई थी, जिनका उपयोग किसी श्रद्धालु के घायल होने की सूरत में उसे पीछे बिठाकर चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना था। इस दौरान सीआरपीएफ के आईजी एवी चौहान ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गई। सीआरपीएफ उनकी यात्रा शुभ और मंगलमय होने की कामना करती है।
पहला जत्था
पहलगाम
यात्री 1228
पुरुष 1046
महिलाएं 130
बच्चे 7
साधु 45
बालटाल
यात्री 1006
पुरुष 793
महिलाएं 203
बच्चे 10
क्या करें और क्या न करें
क्या करें
- फिट रहने के लिए यात्रा से कुछ दिन पूर्व प्रतिदिन 4-5 किमी. सुबह शाम सैर करें
- अपने सामान से लदे घोड़ों/खच्चरों और कुलियों के साथ-साथ रहें
- पहलगाम और बालटाल के बाद की यात्रा के दौरान बारिश से बचाव को सामान वाटरप्रूफ बैग में रखें
- आते जाते संपूर्ण यात्रा में कोई ऐसा काम न करें, जिससे वातावरण दूषित हो
- खाली पेट यात्रा न करें, इससे गंभीर समस्याएं बन सकती हैं
- यात्रा के लिए पंजीकरण होना जरूरी
- तंदरुस्त होकर ही यात्रा पर आएं
- प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था में यात्रा करें
- छड़ी, रेनकोट, छाता, टार्च, गर्म कपड़े और स्लीपिंग बैग आदि साथ में रखें
- अपनी शारीरिक क्षमता के मुताबिक ही योजना बनाकर पैदल सफर तय करें
- संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत सुरक्षाकर्मियों को दें
- पंजीकृत लेबर, खच्चर और पालकी वालों की सेवाएं लें
- समुद्र तल से हजारों फीट ऊपर जाने के लिए पूरी तरह से फिट रहें
- पहाड़ों पर यात्रा के लिए महिलाएं साड़ी के बजाय सलवार सूट या पैंट पहने
क्या न करें
- तय ट्रैक के बजाय शार्टकट रूट न अपनाएं
- चढ़ाई और तीव्र ढलानों पर चढ़ने से परहेज करें
- चेतावनी वाले स्थानों पर न रुकें और आगे बढ़ते रहें
- यात्रा के दौरान पालीथिन का इस्तेमाल वर्जित
- तय किए गए किराये से अधिक भुगतान न करें
- बोर्ड और प्रशासन के नियमों के मुताबिक ही यात्रा करें
- समय-समय पर यात्रा अधिकारी की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करें
जरूरी सामान के साथ यात्रा करें
- मेडिकल सहायता: यात्रा केरास्ते में जगह-जगह चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें डाक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ होते हैं। फिर भी यात्रा पर आने वाले यात्री अपने साथ वह दवाइयां जरूर रखें, जिनका वे नियमित सेवन करते हैं।
- खाना: खाने का जरूरी सामान सरकार की ओर से चंदनबाड़ी, शेषनाग और पंजतरणी में स्थापित दुकानों से उचित कीमत पर मिलता है। फिर भी श्रद्धालुओं को चाहिए कि वह अपने साथ बिस्कुट, टाफी आदि सामग्री जरूरी रखें।
- कपड़े: अमरनाथ यात्रा के दौरान तापमान नीचे रहता है। ऐसे में यात्रियों को अपने साथ सभी जरूरी सामान रखना चाहिए। वे अपने साथ ऊनी कपड़े, स्वेटर, मंकी कैप आदि लेकरचलें। इसकेअलावा विंड चीटर, स्लीपिंग बैग, कंबल, छाता, रेल कोट, वाटरप्रूफ बूट, छड़ी, टार्च आदि भी रखें।
- बीमा: पंजीकरण के साथ ही यात्रियों को बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा यात्रा के जोखिम को देखते हुए श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से अलग से बीमा करवा सकते हैं।
- ठहरने का बंदोबस्त: यात्रा केदौरान राज्य सरकार और निजी संस्थाओं की ओर से टेंट में रहने की सुविधा मुहैया करवाई जाती है, जिसकेलिए बुकिंग बेस कैंपों से की जा सकती है।