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वैष्णो देवी: त्रिकुटा पहाड़ी के जंगलों में लगी आग, बेस कैंप से हटाए गए हेलिकाप्टर
ब्यूरो, अमर उजाला/कटड़ा
Updated Wed, 18 May 2016 12:21 AM IST
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त्रिकुटा पर्वत के जंगलों में लगी आग
- फोटो : Amar Ujala
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जंगलों में आग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। त्रिकुटा की पहाड़ी पर आग लग गई है। यह आग यात्रा मार्ग से दो-ढाई किलोमीटर दूर है।
इससे यात्रा पर कोई असर तो नहीं पड़ रहा है, लेकिन वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों का दल आग बुझाने के प्रयास में देर रात तक जुटा था। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर हेलिकाप्टरों को कटड़ा बेस कैंप से हटा कर श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में खड़ा किया गया है।
वहीं दूसरी ओर मंगलवार को जिला मुख्यालय में बने मिनी सचिवालय के बिल्कुल सामने स्थित देवी दब्बड़ की पहाड़ियां धू-धू कर जल उठी।
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इससे यात्रा पर कोई असर तो नहीं पड़ रहा है, लेकिन वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है। श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों का दल आग बुझाने के प्रयास में देर रात तक जुटा था। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर हेलिकाप्टरों को कटड़ा बेस कैंप से हटा कर श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में खड़ा किया गया है।
वहीं दूसरी ओर मंगलवार को जिला मुख्यालय में बने मिनी सचिवालय के बिल्कुल सामने स्थित देवी दब्बड़ की पहाड़ियां धू-धू कर जल उठी।
श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों का दल जुटा है आग बुझाने में
जंगलों से निकलता धूंआ
- फोटो : Amar Ujala
बड़ी बात यह है कि देवी दब्बड़ की पहाड़ी पर जहां भीषण आग लगी हुई है, वह सारा क्षेत्र श्री माता वैष्णो देवी के दरबार के बिल्कुल पीछे की तरफ स्थित है। इसके पास ही पंचायत कयाला के अधीन आने वाला गांव गौंसुआ है। आग वाली जगह से रिहायशी क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर स्थित है।
मंगलवार को पूरा दिन पहाड़ियों से धुआं उठता रहा। थोड़ा-सा अंधेरा होते ही उस स्थान पर से आग की लपटें साफ दिखने लगी। बताया जाता है कि जिस जगह पर आग लगी है, वहां कई प्रकार की जड़ी-बुटियां भी मौजूद हैं। कीमती लकड़ियों के पेड़ हैं। आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम को सफलता नहीं मिल रही है।
सोमवार देर शाम को त्रिकुटा पर्वत के साथ लगती पहाड़ी पर भी लगी आग मंगलवार को भी धधकती रही। श्राइन बोर्ड के कर्मचारी आग बुझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। हवा चलने के कारण आग बढ़ती जा रही है।
मंगलवार को पूरा दिन पहाड़ियों से धुआं उठता रहा। थोड़ा-सा अंधेरा होते ही उस स्थान पर से आग की लपटें साफ दिखने लगी। बताया जाता है कि जिस जगह पर आग लगी है, वहां कई प्रकार की जड़ी-बुटियां भी मौजूद हैं। कीमती लकड़ियों के पेड़ हैं। आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम को सफलता नहीं मिल रही है।
सोमवार देर शाम को त्रिकुटा पर्वत के साथ लगती पहाड़ी पर भी लगी आग मंगलवार को भी धधकती रही। श्राइन बोर्ड के कर्मचारी आग बुझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। हवा चलने के कारण आग बढ़ती जा रही है।