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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Farooq said talks between India and Pakistan are necessary for peace in Jammu and Kashmir, if it can be done with China, why not with Pakistan?

फारूक की केंद्र को नसीहत: जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए भारत और पाकिस्तान में वार्ता जरूरी, चीन से हो सकती है तो पाक से क्यों नहीं 

Tue, 23 Nov 2021 09:38 AM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Tue, 23 Nov 2021 09:38 AM IST
सार

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा हैं कि भारत और पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर में शांति के लिए वार्ता करनी चाहिए। धमकियां देने से कुछ हासिल होने वाला नहीं हैं।

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Farooq said talks between India and Pakistan are necessary for peace in Jammu and Kashmir, if it can be done with China, why not with Pakistan?
फारूक अब्दुल्ला - फोटो : ani

विस्तार

नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा फारूक अब्दुल्ला ने कहा हैं कि भारत और पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर में शांति के लिए वार्ता करनी चाहिए। धमकियां देने से कुछ हासिल होने वाला नहीं हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बयान की पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर को हासिल करना केंद्र सरकार का अगला एजेंडा पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला के डिग्याना आश्रम जम्मू में उनके महंत मंजीत सिंह के हालचाल पूछने के लिए पहुंचने के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने यह जवाब दिया। 

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चीन ने हमारे क्षेत्र में घुसकर गांव तक स्थापित कर लिए हैं
अब्दुल्ला ने कहा वह बार बार कहते आए हैं कि भारत और पाकिस्तान को जम्मू कश्मीर में शांति के लिए वार्ता करनी चाहिए। उन्होंने कहा जब केंद्र सरकार चीन से वार्ता कर सकती हैं तो पाकिस्तान से वार्ता क्यों नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा चीन ने तो हमारे क्षेत्र में घुसकर गांव तक स्थापित कर लिए हैं। उन्होंने कहा वर्तमान परिदृश्य में न पाकिस्तान हमसे कुछ ले सकता हैं और न हम उससे।
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केंद्र सरकार राज्य का दर्जा बहाल करेगी
ऐसे में हमे दोनो तरफ शांति बनाए रखने और सरलता से व्यापार और एक दूसरे क्षेत्र में जाने की दिशा में काम करना चाहिए।  इस अवसर पर अब्दुल्ला ने तीन कृषि कानून वापिस लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का स्वागत किया और आशा प्रकट की कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के लोगों के दिल की बात भी सुनेगी और राज्य का दर्जा बहाल करेगी।

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आतंकवाद कोई नई बात नहीं

उन्होंने कहा दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी को कम करना अगर केंद्र सरकार चाहती हैं तो उसे जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा के साथ साथ स्वायत्तता को भी वापिस करना चाहिए। कश्मीर में टारगेट किलिंग पर पूछे गए सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद कोई नई बात नहीं हैं। जम्मू कश्मीर के लोगों का दिल जीत कर ही सभी मुद्दों का हल हो सकता हैं। 

 

नेकां चुनाव के लिए तैयार
अब्दुल्ला ने आगामी विधानसभा चुनाव बारे सवाल पर कहा कि नेकां चुनाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा जम्मू कश्मीर में भाजपा शासन नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा ईवीएम से छेड़छाड़ कर या पुलिस और सेना का प्रयोग करके ही भाजपा यहां पर सरकार बना सकती हैं। उन्होंने कहा भाजपा ने जम्मू कश्मीर में बेरोजगारी बढ़ाने के अलावा कुछ नहीं किया हैं। देश भर में जम्मू कश्मीर में सबसे ज्यादा बेरोजगारी हैं।


 

हैदरपोरा मुठभेड़ की न्यायिक जांच हो 

परिसीमन आयोग के कार्य पर पूछे गए सवाल पर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रदेश के पांच सांसदों जिसमें तीन नेकां व दो भाजपा के हैं। उनसे अंतिम बैठक के बाद परिसीमन आयोग अपनी रिपोर्ट दे सकता हैं। 15 नवंबर कोनेकां चुनाव के लिए तैयार पर उन्होंने न्यायायिक जांच की मांग की ताकि सच्चाई सबके सामने आ सकें।

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