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'नई दिल्ली के इशारे पर काम कर रही पीडीपी'
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 14 May 2016 08:22 PM IST
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पार्टी के लीगल द्वारा आयोजित लायर्स कांक्लेव को संबोधित करते हुए डा. फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : Amar Ujala
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और नेश्नल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने पीडीपी पर राज्य की आंतरिक स्वायत्तता खत्म करने के लिए काम करने का आरोप लगाया है।
श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में पार्टी के लीगल द्वारा आयोजित लायर्स कांक्लेव को संबोधित करते हुए डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा दिल्ली में लंबे समय से मौजूद एक लाबी जम्मू कश्मीर की आंतरिक स्वायत्तता को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सक्रिय हो गई है।
जिस तरह से ताजा हालात बने हैं उससे स्पष्ट है कि धारा 370 को खत्म करने के लिए एक साजिश के तहत सिलसिलेवार काम किया जा रहा है। नेशनल कांफ्रेंस वर्ष 2000 में स्वायत्तता के लिए लाए प्रस्ताव को लेकर संघर्ष करेगी।
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उन्होंने कहा नेशनल फूड सिक्यूरिटी एक्ट और एनईईटी से लेकर इंडस्ट्रियल पालिसी के अधिकार क्षेत्र को जम्मू कश्मीर तक बढ़ाने के मामले इसकी तसदीक करते हैं। जम्मू कश्मीर में नान स्टेट सब्जेक्ट लोगों का दखल बढ़ाने के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है।
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श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में पार्टी के लीगल द्वारा आयोजित लायर्स कांक्लेव को संबोधित करते हुए डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा दिल्ली में लंबे समय से मौजूद एक लाबी जम्मू कश्मीर की आंतरिक स्वायत्तता को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सक्रिय हो गई है।
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जिस तरह से ताजा हालात बने हैं उससे स्पष्ट है कि धारा 370 को खत्म करने के लिए एक साजिश के तहत सिलसिलेवार काम किया जा रहा है। नेशनल कांफ्रेंस वर्ष 2000 में स्वायत्तता के लिए लाए प्रस्ताव को लेकर संघर्ष करेगी।
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उन्होंने कहा नेशनल फूड सिक्यूरिटी एक्ट और एनईईटी से लेकर इंडस्ट्रियल पालिसी के अधिकार क्षेत्र को जम्मू कश्मीर तक बढ़ाने के मामले इसकी तसदीक करते हैं। जम्मू कश्मीर में नान स्टेट सब्जेक्ट लोगों का दखल बढ़ाने के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है।
'महबूबा मुफ्ती को इतिहास से सबक लेना चाहिए'
रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : FILE PHOTO
उन्होंने कहा जिस तरह से वर्ष 1953 और 1975 में जम्मू कश्मीर की स्वायत्तता को प्रभावित किया गया उसी क्रम का अब पीडीपी अनुसरण कर रही है। इससे राज्य के हालात बुरी तरह से बिगड़ सकते हैं। राज्य के इतिहास में जब भी इस तरह की साजिशें हुई हैं तो अवाम ने उसका भरसक विरोध किया है।
महबूबा मुफ्ती को इतिहास से सबक लेना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा राज्य में एनएफएसए और एनईईटी का मामला भर नहीं है। यह एक योजना है जिसमें धारा 370 के प्रभाव को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य है।
उन्हाेंने कहा वर्तमान हालात को देखकर वह कह सकते हैं कि क्षेत्रीय पार्टी नई दिल्ली के लिए काम कर रही है। केंद्रीय कानून बिना किसी चर्चा और विरोध के राज्य में लागू हो रहे हैं।
पिछले दो दशक से नई दिल्ली ने जिन लोगों में राजनीतिक निवेश किया है उसे आज बखूबी लौटाया जा रहा है। डा. फारूक ने कहा शेख अब्दुल्ला साहब ने कभी राज्य के सम्मान और गरिमा के साथ समझौता नहीं होने दिया।
महबूबा मुफ्ती को इतिहास से सबक लेना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा राज्य में एनएफएसए और एनईईटी का मामला भर नहीं है। यह एक योजना है जिसमें धारा 370 के प्रभाव को पूरी तरह से खत्म करने का लक्ष्य है।
उन्हाेंने कहा वर्तमान हालात को देखकर वह कह सकते हैं कि क्षेत्रीय पार्टी नई दिल्ली के लिए काम कर रही है। केंद्रीय कानून बिना किसी चर्चा और विरोध के राज्य में लागू हो रहे हैं।
पिछले दो दशक से नई दिल्ली ने जिन लोगों में राजनीतिक निवेश किया है उसे आज बखूबी लौटाया जा रहा है। डा. फारूक ने कहा शेख अब्दुल्ला साहब ने कभी राज्य के सम्मान और गरिमा के साथ समझौता नहीं होने दिया।