जाहिद के घर पहुंचे फारूक अब्दुल्ला के काफिले पर पथराव
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उधमपुर में ट्रक पर हमले में मारे गए क्लीनर जाहिद के घर अनंतनाग जिले के बटेंगू गांव पहुंचे नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक तथा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला को महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा।
फारूक जैसे ही बुधवार को बटेंगू पहुंचे महिलाओं ने उनके काफिले का घेराव कर विरोध किया और आजादी के हक में नारे लगाए। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके काफिले पर पथराव शुरू कर दिया।
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं। इस घटना में एक महिला कांस्टेबल समेत चार स्थानीय महिलाएं घायल हुईं।
दर्दनाक घटना को सांप्रदायिक ताकतों ने अंजाम दिया
जाहिद के घर पहुंचकर फारूक अब्दुल्ला ने परिवार के प्रति सहानुभूति जताई और मृतक के लिए फातिहा भी पढ़ा। वहां से निकलने के बाद फारूक ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस दर्दनाक घटना को सांप्रदायिक ताकतों ने अंजाम दिया है, जो राज्य में धार्मिक कलह और दुश्मनी के बीज बो रहे हैं।
यह सब कुछ राज्य सरकार मूकदर्शक बन देख रही है। उन्होंने कहा कि जाहिद के परिवार वालों को उतना ही मुआवजा मिलना चाहिए जितना दादरी कांड पीड़ितों को मिला। इसके साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि लोगों का सरकार और न्याय में विश्वास बना रहे।
वे जाहिद के परिवार के साथ तब तक खड़ा रहेंगे जब तक उसके परिवार वालों को न्याय नहीं मिल जाता है। इस दौरान नेकां के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर, प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी, विधायक मोहम्मद अकबर लोन, पहलगाम विधायक अल्ताफ कल्लू के अलावा नेकां के अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।